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पहले पाकिस्तान... अब खाड़ी देशों का एयरस्पेस बंद, दनादन फ्लाइट कैंसिल, एयरलाइंस की कमाई पर संकट!

Iran War Impact On Airlines: अमेरिका और इजरायल के ईरान पर कंबाइड अटैक के बाद शुरू हुई युद्ध के चलते भारतीय एयरलाइंस कंपनियों की परेशानी बढ़ गई है. पहले से Pakistan एयरस्पेस बंद होने से नुकसान उठा रही कंपनियों को अब खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्र बंद होने से भारी नुकसान की आशंका है.

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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध ने बढ़ाई एयरलाइंस की टेंशन. (File Photo: ITG)
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध ने बढ़ाई एयरलाइंस की टेंशन. (File Photo: ITG)

अमेरिका-इजरायल के ईरान पर अटैक के बाद शुरू हुए युद्ध (US-Israel Iran War) से एयरलाइंस सेक्टर पर भी बुरा असर पड़ता नजर आ रहा है. बम, मिसाइल अटैक के बीच संघर्ष बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस को अपनी उड़ानें रद्द करनी पड़ रही हैं. भारत में भी दनादन फ्लाइट कैंसिलेशन देखने को मिल रहा है. पहले पाकिस्तानी एयरस्पेस (Pakistan Airspace) क्लोजर से तगड़ा नुकसान उठाने वाली भारतीय एयरलाइंस कंपनियों के लिए खाड़ी देशों का हवाई क्षेत्र बंद (Gulf Airspace Closure) होने परेशानी का सबब बन रहा है और एअर इंडिया से लेकर इंडिगो तक तमाम कंपनियों की कमाई पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है.   

800 से ज्यादा उड़ानें रद्द 
Pakistan के साथ-साथ अब ईरान युद्ध के चलते खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्र को बंद करने से एयर इंडिया और इंडिगो समेत अन्य भारतीय एयरलाइंस कंपनियों की इनकम पर बड़ा असर पड़ेगा. अमेरिका और इजरायल के ईरान पर अटैक के बाद से घरेलू विमानन कंपनियों की 800 से अधिक उड़ानें 1 मार्च तक रद्द की जा चुकी हैं. खाड़ी देशों के एयरस्पेस का बंद होना, खासतौर पर Air India और IndiGo के लिए ये बड़ा संकट है, क्योंकि इंटरनेशनल ऑपरेशंस इन दोनों एयरलाइंस के लिए आय का एक प्रमुख स्रोत है. ऐसे में FY26 की अंतिम तिमाही में घरेलू एयरलाइनों की कमाई पर असर साफ देखने को मिलेगा. इससे पहले दोनों ने तीसरी तिमाही में भी घाटा दर्ज किया था.

एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा और स्पाइसजेट ने मिडिल ईस्ट जाने वाली और खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्र से होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की उड़ानों को रद्द करने की घोषणा की है. विमानन नियामक DGCA के मुताबिक, 28 फरवरी को 410 उड़ानें रद्द की गईं और 1 मार्च को लगभग 440 उड़ानें कैंसिंल हुई हैं. IndiGoने 7 मार्च तक Middle East से आने-जाने वाली उड़ानों के लिए फ्री कैंसिलेशन और पुनर्निर्धारण की सुविधा दी हुई है.

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आसमान में ये दोहरा संकट
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के मद्देनजर यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयर इंडिया और इंडिगो दोनों ने रद्द उड़ानों की लिस्ट भी जारी की है. इसका मतलब यह है कि पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के पिछले 11 महीनों से बंद रहने के बाद घरेलू उड़ानों के लिए दूसरा पश्चिमी हवाई गलियारा भी बंद हो गया है. यानी आसमान पर भारतीय एयरलाइंस कंपनियों के लिए दोहरी मुसीबत पेश आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, खाड़ी देशों के बाजार भारत के एविएशन सेक्टर में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, जो भारत से आने-जाने वाले कुल अंतरराष्ट्रीय यात्री यातायात का लगभग 50% हिस्सा हैं.

PAK एयरस्पेस का ऐसा असर  
पाकिस्तान द्वारा अपने एयरस्पेस को लगातार बंद रखने के कारण भारतीय एयरलाइंस (Indian Airlines) की लंबी और मध्यम दूरी की लगभग 800 साप्ताहिक उड़ानें प्रभावित हो रही हैं. इससे फ्लाइट टाइम में इजाफा, ईंधन की खपत में बढ़ोतरी, ईंधन भरने के लिए बार-बार रुकना और अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता के चलते पहले ही ऑपरेशनल चुनौतियां बढ़ी हैं और खाड़ी देशों ने इस मुसीबत को बढ़ाने का काम किया है. 

गौरतलब है कि एअर इंडिया के प्रमुख कैंपबेल विल्सन पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र को बंद करने के वित्तीय प्रभाव का अनुमान वार्षिक आधार पर लगभग 4,000 करोड़ रुपये लगा चुके हैं.  एअर इंडिया की ओर से कहा गया है कि उसकी लंबी दूरी की उड़ानें लंबे मार्गों से होकर गुजर रही हैं, जिससे लागत बढ़ रही है. वहीं इंडिगो ने मध्य एशिया के लिए अपनी उड़ानें निलंबित कर दी हैं. 

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