अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) साल के पहले ही महीने में एक बार फिर टैरिफ अटैक के मूड में नजर आ रहे हैं. ईरान का मुद्दा हो या फिर ग्रीनलैंड पर कब्जे का, ट्रंप US Tariff को हथियार बनाते नजर आ रहे हैं. Greenland पर कब्जा करने के अमेरिका के प्लान पर कुछ देशों ने विरोध जताया, तो ट्रंप ने ऐसे आठ देशों पर 10% का टैरिफ बम फोड़ने की धमकी दे दी, इसके बाद ग्लोबल टेंशन एक बार फिर चरम पर है.
अमेरिका के निशाने पर आए इन 8 देशों पर 10 फीसदी टैरिफ एक फरवरी से लागू होगा. डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अगर उन्हें ग्रीनलैंड नहीं मिल पाता है, तो फिर 1 जून से यह 10 फीसदी का टैरिफ बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया जाएगा. विश्व आर्थिक मंच (WEF) के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे (Borge Brende) ने इसे लेकर बड़ी बात कही है और बताया है कि अगर US-EU में टेंशन खत्म न हुई तो क्या होगा? उन्होंने कहा कि सबसे गंभीर स्थिति में हालात हाथ से निकल सकते हैं, लेकिन इसकी संभावना कम ही है.
वार-पलटवार का गेम चालू
एक ओर जहां ट्रंप ने 10 फीसदी टैरिफ की धमकी दी है, तो वहीं उनके इस फैसले के बाद यूरोपीय संघ (EU) ने बड़ा कदम उठाया है. यूरोपीय संघ ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ लंबे समय से चल रहे ट्रांसअटलांटिक व्यापार समझौते को भी रोक दिया है. इस टैरिफ टेंशन के बीच विश्व आर्थिक मंच के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने कहा कि नाटो (NATO) जैसे गठबंधनों को एक ही समय में सभी परेशानियों से निपटना होगा.
नाजुक मोड़ पर पहुंचे संबंध
विश्व व्यापार सम्मेलन दावोस 2026 के पहले दिन आजतक के सहयोगी चैनल बिजनेस टुडे से बात करते हुए ब्रेंडे ने कहा कि नाटो गठबंधन की पुरानी व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं आया है. वैश्विक व्यापार का 75% अभी भी विश्व व्यापार संगठन यानी WTO के नियमों के तहत होता है. उन्होंने कहा कि, 'मुझे लगता है कि नाटो और यूरोपीय संघ व अमेरिका के बीच संबंध इस सप्ताह विशेष रूप से नाजुक मोड़ पर पहुंच गए हैं.
बैठक में Greenland पर भी चर्चा
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति भी बुधवार को दावोस में संबोधित करने वाले हैं, वो भी ऐसे समय में जबकि उन्होंने कुछ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. उनके साथ वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और कॉमर्स मिनिस्टररी हॉवर्ड लटनिक भी होंगे. WEF चीफ ने बताया कि दावोस में कई देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक होनी है, जिसमें ग्रीनलैंड भी बड़ी चर्चा का विषय होगा. ट्रंप की धमकियों के बाद ग्रीनलैंड को पहले से तय बैठक के एजेंडे में जोड़ा गया है.
क्या जारी रहेगा ये गठबंधन?
ट्रंप के टैरिफ अटैक से शुरू हुए टकराव के बावजूद ब्रेंडे को लगता है कि गठबंधन जारी रहेगा. उन्होंने कहा,'मुझे लगता है कि वे कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे, लेकिन अभी यह कहना मुश्किल है कि आगे क्या होने वाला है. हमें देखना होगा कि तनाव कम हो, कभी-कभी बातचीत की रणनीति बहुत आगे तक जाने की होती है, फिर बाद में कोई बीच का रास्ता निकल ही आता है.'
ब्रेंडे बोले- 'तो गंभीर स्थिति होगी'
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अध्यक्ष ने आगे कहा कि पिछले दिनों वेनेजुएला, ईरान, गाजा और यूक्रेन के साथ ही पूर्वी एशिया भी चर्चा में हैं. हमें इन सभी जटिलताओं से एक साथ निपटना होगा और उम्मीद है कि हम किसी बड़े युद्ध में तब्दील नहीं होंगे, जिसकी संभावना कम है, लेकिन यह सबसे गंभीर स्थिति भी हो सकती है.