अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता से पहले शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. अब खबर है कि अमेरिका ने ईरानी जहाज पर कब्जा जमाया है. इस बीच, होर्मुज को लेकर टेंशन बनी हुई है. अमेरिका का कहना है कि अभी नाकबंदी जारी है, जबकि ईरान का कहना है कि होर्मुज उसके कंट्रोल में है.
वहीं शुक्रवार रात में खबर आई थी कि होर्मुज को खोल दिया गया है, जिसके बाद अमेरिकी बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली थी. भारतीय बाजार में भी तेजी का संकेत दिख रहा था. गिफ्ट निफ्टी सोमवार को 400 अंक ऊपर खुलने का संकेत दे रहा था, लेकिन फिर शनिवार को फिर से होर्मुज के बंद होने की खबर के बाद शेयर बाजार का गेम पूरी तरह पलट गया.
इन्हीं सभी चीजों को लेकर भारतीय शेयर बाजार में काफी उठा-पटक रही, लेकिन अंत तक यह ग्रीन जोन में क्लोज हुआ.सेक्टर वाइज बात करें तो आईटी और रियल्टी सेक्टर में काफी दाव देखने को मिला, दूसरी ओर ऑटो और पीएसयू बैंक ने मार्केट को ऊपर लाने की काफी कोशिश की, लेकिन मिड और स्माल कैप के शेयरों में भारी बिकवाली रही.
इन सभी चीजों के बीच ओवरऑल BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज 71 हजार करोड़ रुपये कम हो गया यानी निवेशकों की रकम 71 हजार करोड़ रुपये कम हो गई. कारोबार बंद होने तक सेंसेक्स 26.7 अंक या 0.03 फीसदी की मामूली तेजी के साथ 78,520.30 और निफ्टी 11.30 अंक या 0.05 फीसदी की तेजी के साथ 24,364.85 पर बंद हुआ.
बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से 18 शेयरों में गिरावट रही. 12 शेयर मामूली तेजी पर बंद हुए. टाटा ट्रेंट जैसे शेयर 3 फीसदी से ज्यादा तेजी पर रहे. वहीं एल एंड टी के शेयर में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही.
क्यों आई शेयर बाजार में गिरावट?
शेयर बाजार में अब आगे क्या?
भारतीय शेयर बाजार अब पूरी तरह से होर्मुज और तेल कीमतों पर निर्भर दिखाई दे रहा है. अगर होर्मुज खुलता है तो शेयर बाजार में तेजी आ सकती है, लेकिन अगर ईरान अमेरिका के बीच फिर से तनाव बढ़ता है तो गिरावट देखने को मिल सकती है. फिलहाल, निफ्टी का इंडिकेटर गिफ्ट निफ्टी 350 अंकों से ज्यादा की गिरावट का संकेत दे रहा है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)