सप्ताह का आखिरी दिन भारतीय शेयर बाजार निवेशकों को बड़ा दर्द देकर गुजरा, क्योंकि बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स करीब 1000 अंक टूटकर बंद हुआ, निफ्टी में भी भारी बिकवाली रही. निफ्टी बैंक और अन्य इंडेक्स भी रेड जोन में बंद हुए.
बीएसई टॉप 30 शेयरों में से 5 शेयरों को छोड़कर बाकी 25 शेयरों में भारी गिरावट रही. आईटी सेक्टर काफी कमजोर दिखाई दिया, जो 5 फीसदी से ज्यादा टूट गया. इंफोसिस में 7 फीसदी, टीसीएस में 5 फीसदी, विप्रो में 2 फीसदी, एचसीएल में 4 फीसदी और टेक महिंद्रा में 5 फीसदी की गिरावट रही.
इंट्राडे के दौरान सेंसेक्स में करीब 12000 अंकों की गिरावट आई थी, जबकि निफ्टी में 350 अंकों से ज्यादा की गिरावट रही. हालांकि, सेंसेक्स 1.27 फीसदी या 982 अंक टूटकर 76,681 पर क्लोज हुआ. निफ्टी 275 अंक या 1.14 फीसदी गिरकर 23,897 पर बंद हुआ.
शेयर बाजार में गिरावट के दो बड़े कारण
सबसे बड़ी वजह-अमेरिका और ईरान के बीच जंग के फिर से हालात बनते दिख रहे हैं. अभी सीजफायरल लागू है, लेकिन होर्मुज को लेकर तनातनी बनी हुई है. जिस कारण तेल की कीमतों में तेज उछाल आई है. तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं. दूसरा बड़ा कारण इंफोसिस के तिमाही नतीजे हैं. इंफोसिस के तिमाही नतीजे अच्छे नहीं आने के कारण, इसके शेयरों में 7 फीसदी की गिरावट आई. इसके बाद पूरे आईटी सेक्टर में बिकवाली हावी हो गई और इंडेक्स 5 फीसदी से ज्यादा टूट गया. आज बाजार के गिरावट में आईटी शेयरों में लीडर का रोल निभाया.
रुपया भी हुआ कमजोर, विदेशी निवेशकों की सेलिंग
डॉलर की तुलना में भारतीय रुपये में भी गिरावट आई है. भारतीय रुपया आज 24 पैसा टूटकर 94.25 पर आ गया. इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली भी जारी है. गुरुवार को एफआईआई ने 3,200 करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले.
निवेशकों को तगड़ा नुकसान
शेयर बाजार में भारी गिरावट की वजह से करीब 5 लाख करोड़ डूब गए. एक दिन पहले बीएसई मार्केट कैप 466 लाख करोड़ रुपये था, जो आज गिरकर 461 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. यानी निवेशकों को करीब 5 लाख करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)