सोमवार से ही शेयर बाजार में गिरावट जारी है. बुधवार को भील शेयर बाजार में गिरावट रही. सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे सेशन में नीचे गिरे, क्योंकि हैवीवेट शेयरों में बिकवाली, बढ़ती जियोपॉलिटिकल टेंशन और कमजोर ग्लोबल संकेतों ने निवेशकों के भरोसे को कम किया.
हर दिन शेयर बाजार टूटने से एक बड़ी गिरावट आ चुकी है. पिछले तीन दिन में सेंसेस 1,144 अंक टूट चुका है. 2 जनवरी को 85,762.01 के बंद भाव से गिरकर बुधवार को इंट्राडे में 84,617.49 के निचले स्तर पर पहुंच गया था.इस दौरान निफ्टी50 भी करीब 1 फीसदी गिरा है. हालांकि बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 102 अंक टूटकर 84961 पर बंद हुआ और निफ्टी 38 अंक गिरकर 26140 पर था.
BSE के टॉप 30 शेयरों में से 18 शेयरों में गिरावट आई और बाकी 12 शेयर उछाल पर थे. सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में मारुति 2.78 फीसदी, पावरग्रिड 1.66 फीसदी, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल शेयर 1.50 फीसदी टूट गया. इसके अलावा, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली.
11 फीसदी से ज्यादा टूटे ये शेयर
Balu Forge Industries के शेयर आज 11.80 फीसदी टूटकर 512.95 रुपये पर बंद हुए. Archean Chemical Industries के शेयर करीब 5 फीसदी गिरकर 533 रुपये पर बंद हुआ. सिप्ला के शेयर 4 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 1467 रुपये पर बंद हुए. महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस के शेयर भी करीब 4 फीसदी गिर गए. ओला इलेक्ट्रिक के शेयर में आज भी 3 फीसदी की गिरावट आई है.
शेयर बाजार में गिरावट की वजह
हैवीवेट शेयरों में बिकवाली: इंडेक्स के हैवीवेट शेयरों में लगातार गिरावट देखी जा रही है, क्योंकि निवेशक इन शेयरों में प्रॉफिट बुकिंग कर रहे हैं. उन्हें डर है कि जियो-पॉटिकलट टेंशन पैदा होने से शेयर बााजर में खतरा और भी बढ़ सकता है. बुधवार को HDFC बैंक के शेयर 1.7% नीचे थे, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 0.4% गिरे. एक दिन पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई थी.
जियो पॉलिटिकल टेंशन: वेनेजुएला में राजनीतिक उथल-पुथल और उसके पेट्रोलियम भंडार को लेकर अनिश्चितता से वैश्विक जोखिम उठाने की क्षमता हिल गई है. वेनेजुएला संकट के बाद अब कई देशों के बीच बयानबाजी शुरू होने से शेयर बाजार में डर बना हुआ है.
ग्लोबल और एशिाई बाजार में बिकवाली: भारतीय बाजारों ने भी पूरे एशिया में गिरावट को फॉलो किया है, जहां निवेशकों ने वेनेजुएला संकट के कारण ग्लोबल एनर्जी आपूर्ति पर अनिश्चितता से जूझते हुए शेयरों में गिरावट दिखी है. जापान से लेकर चीन तक के मार्केट में गिरावट आई है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)