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12% गिरा ONGC का स्टॉक, Reliance Industries भी 9% तक टूटा, ये है कारण

रिफाइनरी कंपनियां भारत में डीजल, पेट्रोल और एटीएफ रिफाइन कर इन्हें यूरोपीय व अमेरिकी बाजारों में बेच रही थी, जिससे उन्हें मोटा मुनाफा हो रहा था. अब सरकार ने इन तीनों उत्पादों के निर्यात पर शुल्क बढ़ा दिया है.

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तेल-गैस कंपनियों के शेयर बिखरे तेल-गैस कंपनियों के शेयर बिखरे
स्टोरी हाइलाइट्स
  • डीजल, पेट्रोल, एटीएफ पर बढ़ा निर्यात शुल्क
  • तेल एवं गैस कंपनियों के शेयरों में बिकवाली

केंद्र सरकार ने पेट्रोल (Petrol), डीजल (Diesel) और एटीएफ (ATF) के निर्यात पर शुक्रवार को शुल्क बढ़ा दिया. इसका ऐलान होते ही रिफाइनरी बिजनेस (Refinery Business) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली होने लगी. खबर सामने आते ही रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), ओएनजीसी (ONGC), मंगलोर रिफाइनरी (MRPL), चेन्नई पेट्रोकेम (Chennai Petrochem) जैसी कंपनियों के शेयर एक झटके में 13 फीसदी तक गिर गए.

सबसे बड़ी कंपनी को भारी नुकसान

देश की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों (RIL Share Price) में तो आज कई सालों की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है. ऐलान के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 9 फीसदी तक गिर कर 2,370 रुपये से भी नीचे तक आ गया. बाद में इसमें मामूली रिकवरी हुई, लेकिन अब भी रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्टॉक भारी नुकसान में है. दोपहर 11:45 बजे यह शेयर करीब 6 फीसदी के नुकसान के साथ 2450 रुपये के लेवल से नीचे कारोबार कर रहा था.

इतने गिरे तेल-गैस कंपनियों के शेयर

इसी तरह चेन्नई पेट्रोकेम के शेयरों के भाव में 13 फीसदी तक गिरावट देखने को मिली और यह 272.70 रुपये तक आ गया. मंगलोर रिफाइनरी का स्टॉक करीब 10 फीसदी गिरकर 83 रुपये पर आ गया. वहीं सरकारी कंपनी ओएनजीसी के शेयरों में भी बड़ी गिरावट देखी जा रही है. ओएनजीसी का शेयर 12 फीसदी से ज्यादा के नुकसान के साथ 133 रुपये के पास ट्रेड कर रहा है. बीएसई (BSE) के ऑयल एंड गैस सेक्टर (Oil And Gas Sector) की बात करें तो यह करीब 3.5 फीसदी गिरकर 17,400 अंक के पास है. इस सेक्टर की अन्य कंपनियों में गेल (Gail) करीब 2 फीसदी, इंडियन ऑयल (IOCL) 1.08 फीसदी, एटीजीएल (ATGL) 0.48 फीसदी, आईजीएल (IGL) 0.31 फीसदी और पेट्रोनेट (Petronet) 0.20 फीसदी गिरा हुआ है.

सरकार का ये फैसला कारण

दरअसल सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन पर निर्यात शुल्क बढ़ाने का भी फैसला किया है. सरकार ने यह फैसला ऐसे समय लिया है, जब घरेलू रिफाइनरी डीजल, पेट्रोल और एटीएफ का निर्यात कर मोटा मुनाफा कमा रहे थे. सरकार ने पेट्रोल और एटीएफ के निर्यात पर 6 रुपये प्रति लीटर शुल्क बढ़ाया है. इसी तरह डीजल के निर्यात पर शुल्क को 13 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया गया है. इनके अलावा सरकार ने एक अलग नोटिफिकेशन में बताया कि घरेलू क्रूड ऑयल पर 23,230 रुपये प्रति टन का अतिरिक्त टैक्स लगाने का भी निर्णय लिया गया है.

 

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