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पॉलिटिकल चंदा देने में सबसे आगे ये कंपनियां, टॉप-3 में भारती समूह और ITC

किसी भी पार्टी को 20 हजार रुपये से ज्यादा चंदा देने पर डोनर को नाम, पता और पैन नंबर की जानकारी देनी पड़ती है. इससे कम का डोनेशन गुमनाम रहते हुए भी किया जा सकता है. बाद में पार्टियां चुनाव आयोग को बताती हैं कि उसे कितना चंदा मिला है.

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डोनेशन पाने में भाजपा आगे
डोनेशन पाने में भाजपा आगे
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पार्टियों को चंदा देने में आगे भारती समूह का ट्रस्ट
  • भाजपा को अकेले मिला आधे से ज्यादा हिस्सा

राजनीतिक दलों को हर साल कॉरपोरेट जगत से करोड़ों का चंदा (Political Donations) मिलता है. सभी नामी-गिरामी कंपनियां विभिन्न पार्टियों को पॉलिटिकल चंदा देती हैं. चंदा देने वाले कॉरपोरेट्स में कुछ अनजाने नाम भी शामिल होते हैं. राजनीति में पारदर्शिता के लिए काम करने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की एक हालिया रिपोर्ट में पॉलिटिकल चंदा देने वाली कंपनियों के नाम सामने आए हैं. वित्त वर्ष 2019-20 की बात करें तो राजनीतिक दलों को चंदा देने वाली अग्रणी कंपनियों में भारती समूह (Bharati Enterprises) और आईटीसी (ITC) जैसे बड़े नाम शामिल हैं.

पार्टियों को चंदा देने में लगातार आगे भारती समूह

एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, भारती एंटरप्राइजेज से सपोर्टेड प्रुडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट (Prudent Electoral Trust) चंदा देने में सबसे आगे है. इसने 2019-20 में राजनीतिक दलों को 247.75 करोड़ रुपये का चंदा दिया है. यह ट्रस्ट 2016-17 और 2017-18 में भी चंदा देने में सबसे आगे रहा था. इन दो सालों में ट्रस्ट ने 429.42 करोड़ रुपये का चंदा सिर्फ भाजपा (BJP) और कांग्रेस (INC) को दिया था. तब इसे सत्य इलेक्टोरल ट्रस्ट (Satya Electoral Trust) के नाम से जाना जाता था. 2019-20 में भी इस ट्रस्ट ने मुख्य रूप से भाजपा और कांग्रेस को ही चंदा दिया है. इस दौरान प्रुडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट से भाजपा को 216.75 करोड़ रुपये और कांग्रेस को 31 करोड़ रुपये मिले हैं.

ये कंपनियां भी रहीं टॉप पॉलिटिकल डोनर

वित्त वर्ष 2019-20 में चंदा देने के मामले में टॉप में रहे कॉरपोरेट्स में आईटीसी लिमिटेड (ITC Limited), जनकल्याण इलेक्टोरल ट्रस्ट (Jankalyan Electoral Trust), बीजी शिर्के कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (BG Shirke Construction Pvt Ltd) और पंचशील कॉरपोरेट पार्क प्राइवेट लिमिटेड (Panchsheel Corporate Park Pvt Ltd) के नाम शामिल हैं. वित्त वर्ष 2019-20 में भले ही भारती एंटरप्राइजेज से सपोर्टेड प्रुडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट चंदा देने में सबसे आगे रहा, लेकिन इससे ठीक पहले यानी वित्त वर्ष 2018-19 में यह दूसरे नंबर पर रहा था. तब टाटा सपोर्टेड प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट (Progressive Electoral Trust) ने सबसे ज्यादा चंदा दिया था.

अकेले भाजपा को मिला 78 फीसदी चंदा

किसी भी पार्टी को 20 हजार रुपये से ज्यादा चंदा देने पर डोनर को नाम, पता और पैन नंबर की जानकारी देनी पड़ती है. इससे कम का डोनेशन गुमनाम रहते हुए भी किया जा सकता है. बाद में पार्टियां चुनाव आयोग को बताती हैं कि उसे कितना चंदा मिला है. एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, चंदा पाने के मामले में केंद्र में सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी सबसे आगे है. वित्त वर्ष 2019-20 में टॉप-5 पार्टियों को मिलाकर 921.95 करोड़ रुपये का कॉरपोरेट चंदा मिला और इनमें से 720.40 करोड़ रुपये अकेले भाजपा को मिले.

इन पार्टियों को भी मिला डोनेशन, सीपीआई को शून्य

भाजपा के अलावा चंदा पाने वाली पार्टियों में कांग्रेस, एनसीपी (NCP), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) और तृणमूल कांग्रेस (AITC) के नाम शामिल हैं. इस बार भाकपा को कोई चंदा नहीं मिला है. कांग्रेस को 133.04 करोड़ रुपये और एनसीपी को 57.08 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं. माकपा को Muthoot Finance से 2.65 करोड़ रुपये, कल्याण ज्वेलर्स (Kalyan Jewellers) से 1.12 करोड़ रुपये और नवयुग इंजीनियरिंग (Navyug Engineering) से 0.5 करोड़ रुपये मिले हैं. तृणमूल कांग्रेस को न्यू डेमोक्रेटिक इलेक्टोरल ट्रस्ट (PNew Democratic Electoral Trust), टेक्समैको इंफ्रास्ट्रक्चर होल्डिंग लिमिटेड (Texmaco Infrastructure Holding Limited) और टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (Texmaco Rail and Engineering Limited) से चंदा मिला है. इसी तरह एनसीपी को बीजी शिर्के कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, पंचशील कॉरपोरेट पार्क प्राइवेट लिमिटेड और मॉडर्न रोड मेकर्स प्राइवेट लिमिटेड (Modern Road Makers Private Limited) से डोनेशन मिले हैं.

 

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