'मदर ऑफ ऑल डील्स' के नाम से चर्चित भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच व्यापार समझौते पर मोहर लग गई है. इस डील के साथ ही दुनिया की दो अरब आबादी के व्यापारिक संबंध और भी गहरे हो गए हैं. लेकिन इस फ्री ट्रेड डील (FTA) का दुनिया की एक दूसरी ताकत के लिए बड़ा संदेश है. जिस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, टैरिफ और ट्रेड का युद्ध के हथियारों की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं उसी समय भारत ने EU के साथ अबतक का सबसे बड़ा FTA कर ट्रंप को संदेश दिया है कि व्यापारिक साझेदारी का एकमात्र आधार नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था (Rule based international order) है, न की धमकी और पेनाल्टी से प्रेरित टैरिफ.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्पीच में इस टर्म की स्पष्ट चर्चा की. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपियन का सहयोग वैश्विक कल्याण के लिए की गई साझेदारी है.
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ संदेश दिया कि भारत नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की वकालत करता है. गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बार बार अपने फैसलों से Rule based international order की धज्जियां उड़ाई है. पीएम मोदी ने कहा, "रक्षा और सुरक्षा सहयोग किसी भी रणनीतिक साझेदारी की नींव होती है,और आज हम इसे सिक्योरिटी और डिफेंस पार्टनरशिप से औपचारिक रूप दे रहे हैं. इससे काउंटर टेररिज्म, समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा में ईयू से हमारी साझेदारी और गहरी होगी. पीएम मोदी ने कहा कि यह Rule based international order के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को भी बल देगा."
पीएम मोदी ने मौजूदा वैश्विक हालात पर टिप्पणी करते हुए उन देशों का ध्यान अपनी ओर खींचा जो स्वयं को दुनिया को नेता मानते हैं. पीएम ने कहा, "आज ग्लोबल ऑर्डर में बड़ी उथल-पुथल है, ऐसे में भारत और यूरोपियन यूनियन की साझेदारी अंतर्राष्ट्रीय सिस्टम में स्थिरता को मजबूती देगी. इस संदर्भ में आज हमने यूक्रेन, पश्चिम एशिया, इंडो पैसेफिक सहित कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की है. "
ट्रंप को बहुपक्षवाद का संदेश अंतर्राष्ट्रीय नियमों का सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप समेत दुनिया के देशों को संदेश देते हुए कहा कि बहुपक्षवाद (Multilateralism) और अंतर्राष्ट्रीय नियमों का (International norms) का सम्मान हमारी साझा प्राथमिकता है. पीएम मोदी ने वैश्विक संस्थाओं को अधिक लोकतांत्रिक बनाने की वकालत करते हुए कहा कि हम एकमत हैं कि आज की चुनौतियों का समाधान करने के लिए वैश्विक संस्थाओं का रिफॉर्म्स अनिवार्य है.
राष्ट्रों के संबंधों में कभी कभी ऐसा समय आता है
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रों के संबंधों में कभी कभी ऐसा समय आता है जब इतिहास स्वयं कहता है यहीं से दिशा बदली, यहीं से एक नया युग शुरू हुआ. आज वही क्षण है.
यूरोपियन यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि जब भारत सफल होता है, तो दुनिया समृद्ध, सुरक्षित और महफूज़ होती है. उन्होंने कहा कि दुनिया की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं पार्टनरशिप कर रही हैं. उर्सुला ने कहा कि यह एक संदेश है कि सहयोग और तालमेल ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है.
उर्सुला बोलीं- ये दो दिग्गजों की कहानी है
भारत के साथ ट्रेड डील के लिए लंबे समय से हुज्जत कर रहे उर्सुला ने ट्रंप को अप्रत्यक्ष संदेश देते हुए कहा कि हमने कर दिखाया है और हमने 'मदर ऑफ ऑल डील्स' पर हस्ताक्षर किया है. ये दो दिग्गजों की कहानी है. हमने रणनीतिक निर्भरता कम की है. यह एक ऐतिहासिक बदलाव है. यूरोप और भारत हमेशा प्रगति को चुनेंगे.
जब दुनिया में हालात ठीक नहीं...
यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष कोस्टा ने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया में हालात ठीक नहीं हैं, हम एक बहुत मज़बूत संदेश दे रहे हैं. EU और भारत को आपसी समृद्धि के लिए मिलकर काम करना चाहिए. भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है. रक्षा और सुरक्षा फ्रेमवर्क समझौता हमारी साझा सुरक्षा के लिए पहला कदम है.
भारत-EC के संयुक्त बयान में भी Rule of Law का जिक्र
इस डील के बाद भारत और यूरोपियन यूनियन की ओर से जारी संयुक्त बयान में भी बहुलतावाद, कानून का शासन को प्रमुखता दी गई है. इस बयान में कहा गया है, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति एंटोनियो कोस्टा और राष्ट्रपति उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की और लोकतंत्र, मानवाधिकार, बहुलवाद, कानून का शासन और संयुक्त राष्ट्र को केंद्र में रखकर नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था सहित साझा मूल्यों और सिद्धांतों के आधार पर भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को उच्च स्तर पर ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया. उन्होंने सुरक्षा खतरों से निपटने, समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने, आर्थिक लचीलेपन और सुरक्षा को मजबूत करने, जलवायु और जैव विविधता कार्रवाई को आगे बढ़ाने और सतत विकास लक्ष्यों पर प्रगति में तेजी लाने के लिए प्रतिबद्धता जताई."