बजट से ठीक एक दिन पहले आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत के दौरान वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय संघ के साथ FTA डील के फायदे गिनाए. साथ ही रविवार को पेश होने वाले बजट में संभावित ऐलानों के बारे में विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए यूरोप के 27 देशों की तुलना में भारत को तुरंत और डायरेक्ट फायदा मिलने वाला है.
गोयल ने कहा कि ओभरऑल 99 फीसदी भारतीय प्रोडक्ट्स पर '0' टैक्स लगेगा. साथ ही लेबर इंटेंसिव (एक देश से दूसरे देश में सामान भेजना) सेक्टर में सबसे ज्यादा फायदा होगा. पहले दिन से ही अब कोई टैक्स नहीं देना होगा. इससे रोजगार बढ़ेगा, व्यापार बढ़ेगा और फैक्ट्रियां लगाने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी. उन्होंने टाटा चेयरमैन के एक बयान को कोट करते हुए कहा कि भारत में 100 से ज्यादा फैक्ट्रियां आएंगी और बड़े स्तर पर निवेश के रास्ते खुलेंगे.
सेंसिटिव सेक्टर के लिए नहीं खोला बाजार
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि FTA डील के तहत सबसे खास बात है कि संवेदनशील क्षेत्रों में यूरोप के लिए हमने मार्केट नहीं खोला है. डेयरी, अनाज, चावल,गेहूं, मक्का जैसी संवेदनशील चीजों के लिए टैक्स कम नहीं किया है और मार्केट नहीं खोला है.
सेब पर बहुत कम राहत दी
अगर कोई छोटा-मोटा कोटा दिया भी है तो बड़ा ही सोच-समझकर दिया है जैसे सेब की बात करें तो आज भी 6 लाख टन सेब आयात होता है. इसपर 50 फीसदी एम्पोर्ट प्राइस है और 25 फीसदी इम्पोर्ट ड्यूटी है. ऐसे में हमने 75 फीसदी पहले ही अपने किसानों के लिए रिजर्व रखा है. सवा लाख टन यूरोपीय यूनियन पहले से ही एक्सपोर्ट करता है, ऐसे में हमने एक यूरोपीय यूनियन को एक छोटा सा कोटा दिया है.
अब सिर्फ 45 से 50 हजार टन ही सेब इम्पोर्ट होंगे, जो बाद में थोड़े-थोड़े करके बढ़ेंगे, लेकिन आज हो रहे हैं, उससे कम ही होगा. उसपर भी मिनिमम इम्पोर्ट प्राइस 80 रुपये और 16 रुपये ड्यूटी रखी है यानी कि अब 96 फीसदी का प्रोटेक्शन हो गया है, जो 75 फीसदी की तुलना में ज्यादा है. तो एक तरीके से सोच-समझकर दी गई है.
यूरोपीय यूनियन हमारा कंम्पटिटर नहीं
गोयल ने कहा कि हमारा और यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्था अलग-अलग चीजों पर निर्भर है. हम एक दूसरे के कंम्पटिटर नहीं हैं, जो चीजें हम उन्हें दे सकते हैं वे कभी बना ही नहीं पाएंगे और जो वहां से आएंगी, वह भारत की जरूरत हैं. ऐसे में संवेदनशील चीजों को इस डील से बाहर रखते हुए समझौता किया गया है.
यूरोप के देशों में जाना हुआ आसान
उनके यहां पर लोगों की भी कमी है, ऐसे में एक मोबिलिटी एग्रीमेंट भी किया गया है. जिसके लिए अलग-अलग देश के लिए रास्ता खोल दिया गया है. इमिग्रेशन नियम को आसान किया गया है. भारत के लोग वहां जाकर सीखेंगे, पैसे कमा सकेंगे और वापस आकर अपने परिवार और भारत की सेवा करेंगे.हम चाहते हैं कि भारत के लोग वहां शॉर्टटर्म के लिए जाएं और वापस आकर देश की सेवा करें. छात्र, जो पढ़ने जाते हैं, उनके लिए 9 महीने का गारंटी वीजा दिया जाएगा.
डिफेंस पर बड़ी डील
गोयल ने कहा कि डिफेंस पर डील हुई है. वहां टेक्नोलॉजी है, लेकिन लोग नहीं है. हमारे यहां लोग हैं, ऐसे में यूरोप की कंपनियां भारत आकर अपनी फैक्ट्रियां लगाएंगी और यहां मैन्युफैक्चरिंग करेंगी, जिससे भारत का आत्मनिर्भर लक्ष्य पूरा होगा. हम यहां पर डिफेंस प्रोडक्ट्स बनाकर अन्य देशों को भेज सकेंगे.
बजट को लेकर क्या बोले गोयल?
गोयल ने कहा कि पिछले बजट में 12 लाख तक टैक्स छूट दी गई थी. उसके बाद जीएसटी में बड़ा सुधार किया गया है. 8 देशों से फ्री ट्रेड डील की गई. हमारे सुधार तेज गति से चल रहे हैं. ऐसे में आम लोगों के जीवन को आसान और सरल बनाने के लिए जो भी कोशिश हो सकती है, हम कर रहे हैं. इस बजट में भी देश के नागरिगों के जीवन को आसान बनाने संबंधी ऐलान किए जा सकते हैं.