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'कभी नहीं सोचा ऐसा होगा, अब बूंद-बूंद...' होर्मुज पर ONGC चेयरमैन ने दी भारत को ये सलाह 

होर्मुज पर बिजनेस टुडे से बातचीत करते हुए ओएनजीसी के चेयरमैन ने बड़ी चेतावनी दी है और कहा है कि हमने कभी ऐसा नहीं सोचा था कि इतना बड़ा संकट आ सकता है.

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होर्मुज पर तेल संकट. (Photo: AFP/Getty Images)
होर्मुज पर तेल संकट. (Photo: AFP/Getty Images)

अमेरिका और ईरान के बीच जंग ने स्थिति बदल दी है. दुनिया ने कभी नहीं सोचा होगा कि होर्मुज जैसा रास्‍ता भी बंद हो जाएगा और सभी देशों के लिए महंगाई और एनर्जी संकट खड़ा हो जाएगा. ONGC चेयरमैन अरुण कुमार सिंह भी इसी बात से हैरान हैं. 

बिजनेस टुडे से बातचीत में उन्‍होंने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा भी कोई एक दिन आएगा, जब स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो जाएगा और दुनिया में तेल संकट जैसी स्थिति बन जाएगी. तेल और गैस के क्षेत्र में अपने 40 साल के अनुभव में, मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि हमारी दुनिया में इस तरह का कोई संकट आ सकता है. 

हमें इस तरह की और भी ज़्यादा स्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए. उन्‍होंने आगे कहा कि हर देश को संप्रभुता की रक्षा के लिए जो कुछ भी जरूरी हो, वो कदम उठाना चाहिए. हमें भी इस स्थिति से निपटने की तैयारी कर लेनी चाहिए. भारत के आगे की योजनाओं के लिए एक सलाह देते हुए उन्‍होंने कहा कि हमारे पास एक बड़े भंडार की जरूरत है, जिस हमें जल्‍द पूरा कर लेना चाहिए. 

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हर एक बूंद का सोच-समझकर करना चाहिए यूज 
अब हमें किसी भी हाल में अपने भंडारण की समस्या का समाधान करना ही होगा. एग्‍जाम आने पर तैयारी नहीं करना चाहिए, बल्कि इसके लिए पहले से तैयार रहने की जरूरत है. हमें अपनी ऊर्जा के सोर्स और भंडारण में विविधता लानी चाहिए. तेल, गैस और कोयले की हर एक बूंद का सोच-समझकर इस्तेमाल करना चाहिए. 

निर्भरता पड़ी भारी
उन्‍होंने इतिहास को पलटते हुए कहा कि कतर में शुरुआती निवेश उन कंपनियों से आया था, जो ग्‍लोबलाइजेशन के खिलाफ थीं, लेकिन अब अनपोलर वर्ल्‍ड एक हकीकत बन चुकी है और हमें इसे बहुत गंभीरता से लेना चाहिए. उन्‍होंने कहा कि LNG के मामले में, हमने थोड़ा-बहुत बचाकर रखा हुआ है! LPG की कहानी तो आप जानते ही हैं- हम इस पर बहुत ज़्यादा निर्भर थे. 30% से 60% तक की निर्भरता हमें काफी भारी पड़ी है. हमने कई उत्पादों को LPG की ओर मोड़ दिया था, जिसका खामियाज़ा हमें भुगतना पड़ा. हम आयात पर बहुत ज्‍यादा निर्भर हो चुके हैं. 

होर्मुज पर ईरान का सख्‍त पहरा
गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच 2 सप्‍ताह के लिए सीजफायर हुआ है, लेकिन अभी ईरान होर्मुज पर सख्‍त पहरा लगाकर बैठा हुआ है. जहाजों को निकलने के लिए ईरान के परमिशन की आवश्‍यकता पड़ रही है. वहीं दोनों देशों के बीच शांति वार्ता शनिवार को इस्‍लामाबाद में होने वाली है. 

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(ऐश्‍वर्या पाटिल की रिपोर्ट...) 

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