भारतीय शेयर बाजार में सबसे महंगा स्टॉक MRF है, जिसके एक शेयर की वैल्यू 1,35000 रुपये से ज्यादा है. हालांकि अब दो एक्सपर्ट्स ने कहा है कि मद्रास रबर फैक्ट्री (MRF) के शेयरों में भारी गिरावट आने वाली है. इस कारण एमआरएफ के शेयर को अभी बेच देना चाहिए. शुक्रवार को MRF के शेयरों में 2.27% की गिरावट आई और 1,37,198 रुपये पर आ गया.
MRF का रेवेन्यू के पहले तिमाही में इस सेक्टर की अन्य कंपनियों की तुलना में काफी अच्छा रहा है, जिसके रेवेन्यू में 12 प्रतिशत की ग्रोथ दिखाई है. इस कारण मार्जिन भी अच्छा रहा है, लेकिन इतने मजबूत रिजल्ट होने के बावजूद कमोडिटी इन्फ्लेशन और हायर डीप्रेसिएशन के कारण प्रॉफिट में 3 प्रतिशत की गिरावट आई है. जिस कारण दो ब्रोकरेज ने इस दिग्गज शेयर में बड़ी गिरावट का अनुमान लगा रहे हैं.
29 फीसदी की आएगी गिरावट?
शुक्रवार को इंट्राडे के दौरान BSE पर MRF के शेयर 3.4 प्रतिशत गिरकर 1,35,501 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए. बाद में यह 1,37,106.10 रुपये के स्तर पर पहुंच गया. एक्सपर्ट्स एमआरएफ के शेयर प्राइस में इस कीमत से 29 प्रतिशत तक की गिरावट का संकेत देते हैं.
MOFSL ने कहा है कि कंपनी ने उम्मीद से बेहतर राजस्व ग्रोथ और लागत को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2025 के ईपीएस अनुमान में 4 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2026 के अनुमान में 9 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की है. एमआरएफ का शेयर वित्त वर्ष 25 ईपीएस के 29.5 गुना पर कारोबार कर रहा है, जो अपोलो टायर्स के 19 गुना और सीएट के 17.2 गुना से ज्यादा है. इस ब्रोकरेज ने जून 2026 के ईपीएस के 19 गुना के आधार पर 1,08,000 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ शेयर बेचने की सलाह दी है.
100000 रुपये के नीचे आ जाएगा ये शेयर?
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा है कि MRF की पहली तिमाही का EBITDA उसके अनुमान से 7 प्रतिशत अधिक रहा, जिसका कारण उम्मीद से बेहतर रेवेन्यू है. कंपनी को उम्मीद है कि मांग स्थिर रहेगा.
वहीं कोटक ने कहा कि आरएम बास्केट में मौजूदा तेजी मार्जिन पर दबाव बनाए रखेगी. इस कारण एमआरएफ के शेयरों में बड़ी गिरावट आ सकती है. यह शेयर टूटकर 97,000 रुपये पर आ सकता है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)