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LIC IPO: आपने भी किया है एलआईसी आईपीओ में अप्लाई? जानें शेयर अलॉट होने के कितने चांस

LIC IPO Share Allotment: एलआईसी का आईपीओ 04 मई को खुला और 09 मई को बंद हो गया. इसे हर कैटेगरी में ओवर सब्सक्राइब किया गया है, इस कारण शेयर अलॉट होने के चांसेज कम हो गए हैं. जानें किस कैटेगरी के इन्वेस्टर्स सबसे फायदे में हैं और किन्हें हुआ है सबसे ज्यादा नुकसान...

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सोमवार को बंद हो गया आईपीओ सोमवार को बंद हो गया आईपीओ
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इसी सप्ताह अलॉट हो जाएंगे शेयर
  • अगले सप्ताह होगी मार्केट में लिस्टिंग

सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी का आईपीओ (LIC IPO) सोमवार 09 मई को बंद हो गया. भारत के सबसे बड़े आईपीओ को लगभग सारी कैटेगरीज में बढ़िया रिस्पॉन्स मिला. 04 मई से खुले इस आईपीओ को अंतिम दिन बंद होने तक 2.95 गुना सब्सक्राइब किया गया. अब जल्दी ही शेयरों का ड्रॉ निकाला जाएगा और लकी इन्वेस्टर्स को एलआईसी के शेयर अलॉट (LIC Share Allotment) किए जाएंगे.

इसी सप्ताह अलॉट होंगे शेयर

निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने हाल आईपीओ बंद होने बाद सोमवार को बताया कि 12 मई को एलआईसी के शेयर अलॉट किए जाएंगे. इसके बाद जिन लोगों को शेयर मिलेंगे, उन्हें सूचना मिल जाएगी और जिन्हें सफलता हाथ नहीं लगेगी, उनके बैंक अकाउंट में 13 मई से पैसे आने लगेंगे. सफल होने वाले इन्वेस्टर्स के डीमैट खाते में एलआईसी के शेयर 16 मई को क्रेडिट कर दिए जाएंगे. इसके अगले दिन यानी 17 मई को एलआईसी के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो जाएंगे.

LIC IPO को मिलीं इतनी करोड़ बोलियां

एलआईसी के इस आईपीओ में सरकार टोटल 16,20,78,067 शेयर बेच रही है. इनके बदले आईपीओ में 47,83,25,760 शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं. सरकार की योजना इस आईपीओ से 21 हजार करोड़ रुपये जुटाने की है. हालांकि रिटेल इन्वेस्टर्स (Retail Investors), एलआईसी के कर्मचारियों (LIC Employees) और एलआईसी के पॉलिसी होल्डर्स (LIC Policy Holders) को दिए गए डिस्काउंट से सरकार को कुछ नुकसान होगा. अब सरकार को इस आईपीओ से 20,500 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है. इस आईपीओ में रिटेल इन्वेस्टर्स और कर्मचरियों को हर शेयर पर 45-45 रुपये का डिस्काउंट दिया गया था. इसी तरह पॉलिसी होल्डर्स को प्रति शेयर 60 रुपये का डिस्काउंट मिला था.

इस कैटेगरी के इन्वेस्टर्स के लिए सबसे कम चांस

चूंकि इस आईपीओ को हर कैटेगरी में ओवरसब्सक्राइब किया गया है, ज्यादातर लोगों के हाथ इस कारण खाली रह जाने वाले हैं. सबसे ज्यादा घाटे में एलआईसी के पॉलिसी होल्डर्स हैं, क्योंकि उनकी कैटेगरी में सबसे ज्यादा बोलियां आई हैं. पॉलिसी होल्डर्स के लिए इस आईपीओ में 2,21,37,492 शेयर रखे गए हैं, जबकि इस कैटेगरी में 6.12 गुना यानी करीब 13.50 करोड़ बोलियां आईं. इस कारण एलआईसी के आईपीओ में बोली लगाने वाले करोड़ों पॉलिसी होल्डर्स को निराशा हाथ लगने वाली है. एलआईसी के अईपीओ के 1 लॉट में 15 शेयर थे और ज्यादा से ज्यादा 14 लॉट के लिए बोली लगाई जा सकती थी. 

इस कारण फायदे में हैं रिटेल इन्वेस्टर्स

इसी तरह एलआईसी के कर्मचारियों (LIC Employees) के लिए इस आईपीओ में 15,81,249 शेयर रिजर्व रखे गए हैं. इस कैटेगरी को 4.4 गुना सब्सक्राइब किया गया है. यानी इस कैटेगरी में करीब 16 लाख शेयरों के लिए 69 लाख से ज्यादा बोलियां मिली हैं. इस तरह कर्मचारियों के कैटेगरी में करीब 53 लाख बोली लगाने वाले लोगों को शेयर नहीं मिलने वाले हैं. रिटेल इन्वेस्टर्स (Retail Investors) का हिस्सा सबसे कम 1.99 गुना सब्सक्राइब किया गया है. रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए एलआईसी आईपीओ में 6,91,79,663 शेयर रिजर्व हैं. इनके बरक्स 13.50 करोड़ से ज्यादा बोलियां आई हैं. इस तरह देखें तो एलआईसी के आईपीओ में रिटेल कैटेगरी में शेयर मिलने के सबसे ज्यादा चांसेज हैं, जबकि सबसे कम चांसेज पॉलिसी होल्डर्स की कैटेगरी में हैं.

 

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