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'...तो भारत भी अंडमान के समंदर में वसूले टोल', होर्मुज संकट के बीच इस दिग्गज ने दी सलाह

होर्मुज पर टोल की चर्चाओं के बीच दुनिया के दिग्गज निवेशक और बिजनेसमैन ने चिंता जताई है. क्योंकि ये वर्षों से चले आ रहे नियमों का उल्लंघन है. इस बीच भारत के दिग्गज बैंकर ने कहा है कि अगर होर्मुज पर ईरान टोल ले सकती है तो भारत को भी दक्षिणी अंडमान में अपनी नेवी को भेजना चाहिए और वहां से होकर गुजर रहे जहाजों से टोल वसूलना चाहिए.

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होर्मुज में टोल लेने के लिए ईरान ने एक कानून पास किया है. (Photo: ITG)
होर्मुज में टोल लेने के लिए ईरान ने एक कानून पास किया है. (Photo: ITG)

होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजर रहे जहाजों से टोल वसूलने पर ईरान आमदा है. ईरान ने सीजफायर की शर्तों में भी इस बात को रखा है कि वो होर्मुज पर कंट्रोल चाहता है और वहां से होकर गुजर रहे जहाजों से कम से कम एक डॉलर प्रति बैरल का टोल वसूलेगा. 

इस बीच भारत के दिग्गज बैंकर अजय बग्गा ने भी कहा है कि अगर ईरान होर्मुज से टोल वसूल सकता है तो भारत को भी दक्षिण अंडमान में समंदर से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलना चाहिए. अजय बग्गा ने ईरान को होर्मुज से टोल वसूलने देने पर नाराजगी जताई है और क्या है कि ये ट्रेंड पूरी दुनिया में शुरू हो सकता है. 

अजय बग्गा इंडियन फाइनेंशियल सेक्टर के बड़े खिलाड़ी हैं, उनकी राय मार्केट और जियो-पॉलिटिक्स दोनों पर ली जाती है. 

अजय बग्गा ने कहा कि अगर ईरान को होर्मुज में टोल लगाने की छूट मिल गई, तो यह एक खतरनाक मिसाल बन जाएगी. फिर सिंगापुर मलक्का स्ट्रेट में और तुर्की बोस्फोरस में भी टोल लगा सकते हैं. उन्होंने भारत को सलाह दी है कि हमें भी अंडमान-निकोबार के दक्षिण में नौसेना तैनात करके भारतीय महासागर से गुजरने वाले सभी जहाजों पर टोल लगाना शुरू कर देना चाहिए. 

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उन्होंने कहा कि पहले जब नियम पर दुनिया चलती थी तो सिर्फ मानव-निर्मित कैनाल जैसे पनामा और स्वेज से होकर गुजरने वाले जहाजों पर ही चार्ज लगाए जाते थे. प्राकृतिक जलमार्ग पूरी तरह फ्री ट्रांजिट के लिए खुले रहते थे, लेकिन अब ईरान के जरिए वह पुराना नियम टूट रहा है. 

बता दें कि दुनिया का नियम यह है कि जो प्रकृति की ओर से बने जलमार्ग हैं वहां से होकर गुजरने वाले जहाजों से कोई टैक्स नहीं लगेगा. लेकिन अगर होर्मुज पर टोल लगता है तो ये दूसरे देशों के लिए नजीर बन सकता है. 

यह भी पढ़ें: कितनी जायज है ईरान की टोल की मांग? होर्मुज स्ट्रेट पर 'वसूली' अवैध तो स्वेज नहर पर वैध कैसे

अगर ईरान होर्मुज से होकर होने वाले जहाजों से टोल वसूलती है तो इससे प्रति शिपमेंट 2.5 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त खर्च आएगा. इससे तेल की कीमतें और महंगी हो सकती है.

अंडमान निकोबार का इंदिरा प्वाइंट और इंडोनेशिया का सबांग (Photo: Google map)

बैंकर अजय बग्गा ने जिस अंडमान के पास टोल लगाने की सलाह की है वो अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के ग्रेट निकोबार द्वीप पर स्थित इंदिरा पॉइंट है. 

ये भारत का दक्षिणतम बिंदु है. यहां से कुछ ही दूरी पर इंडोनेशिया का सबांग स्थित है. इन दोनों के बीच समंदर स्थित है. यह हिंद महासागर का एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है. इंदिरा पॉइंट से इंडोनेशिया के सबसे उत्तरी द्वीप रोंडो आइलैंड (सबांग क्षेत्र में) की दूरी मात्र 145 किमी है. 

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सबांग मेन पोर्ट से इंदिरा पॉइंट की दूरी करीब 150-170 किमी है. यह क्षेत्र मलक्का स्ट्रेट के प्रवेश द्वार के पास है, जहां भारत और इंडोनेशिया की समुद्री सीमा लगभग जुड़ी हुई है.  दोनों देश इस चैनल को सुरक्षित रखने और सबांग बंदरगाह के विकास के लिए सहयोग कर रहे हैं. यह दूरी समुद्री सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है. 
 

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