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फंस गए आप? हाई से 40% तक टूट गए गोल्‍ड और सिल्‍वर ETFs, तगड़ा नुकसान

29 जनवरी के बाद से ही सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है और रिकॉर्ड हाई से इनके दाम काफी कम हो चुके हैं. इसी कारण सिल्‍वर और गोल्‍ड ईटीएफ के रेट्स भी डाउन हुए हैं.

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सोना और चांदी ईटीएफ में गिरावट.  (Photo: File/ ITG)
सोना और चांदी ईटीएफ में गिरावट. (Photo: File/ ITG)

शेयर बाजार में लगातार गिरावट और सोने-चांदी में लगातार तेजी के बाद निवेशका का रुझान गोल्‍ड और सिल्‍वर की ओर तेजी से बढ़ा था. तेजी के दौरान निवेशकों ने इन ईटीएफ में जमकर बोली लगाई थी. आलम ये रहा कि बहुत से निवेशकों ने रिकॉर्ड हाई पर सोने-चांदी के ईटीएफ खरीद डाले. 

अब Gold-Silver ETFs में गिरावट देखी जा रही है. सिल्‍वर ईटीएफ अपने रिकॉर्ड हाई से 40 फीसदी तक टूट चुके हैं और गोल्‍ड ईटीएफ अपने रिकॉर्ड हाई से 15 फीसदी से ज्‍यादा टूटा चुके हैं. इन ईटीएफ में अभी भी गिरावट जारी है. ऐसे में रिकॉर्ड हाई पर सोना और चांदी के ईटीएफ खरीदने वाले निवेशक अपने आप को ठगा या फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं. 

आज भी गिरे गोल्‍ड-सिल्‍वर ईटीएफ
मंगलवार को एमसीएक्‍स पर सोने और चांदी के दाम में गिरावट देखने को मिली. सोना 2,127 रुपये टूटकर 1,52,633 रुपये पर था और चांदी की कीमत 8,800 रुपये कम होकर 2,31,006  रुपये प्रति किलो पर था. इस भारी गिरावट के कारण गोल्‍ड और सिल्‍वर ईटीएफ में भी गिरावट आई. सिल्‍वर ईटीएफ 3 फीसदी से ज्‍यादा टूट गए और गोल्‍ड ईटीएफ में भी करीब 2 फीसदी की गिरावट आई. 

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हाई से 40 फीसदी तक गिरा सिल्‍वर ईटीएफ 
29 जनवरी को न‍िपॉन इंडिया सिल्‍वर ईटीएफ के दाम 360 रुपये पर थे, लेकिन अब ये 219.69 रुपये पर आ गए हैं. जो अपने रिकॉर्ड हाई से 40 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है. इसी तरह, ICICI Silver ETFs, SBI Silver ETFs और टाटा सिल्‍वर ईटीएफ के रेट भी 40 फीसदी टूट चुके हैं. 

गोल्‍ड ईटीएफ भी इतना टूटा
गोल्‍ड ईटीएफ के दाम भी काफी कम हो चुके हैं. 29 जनवरी को निप्‍पॉन इंडिया गोल्‍ड ईटीएफ के दाम 148 रुपये के भाव पर पहुंच गए थे. हालांकि इसके बाद से ही इसमें 15 फीसदी से ज्‍यादा गिरावट आई है, जो 124.71 रुपये के भाव पर है. इसी तरह, SBI Gold ETF, ICICI Gold ETF और टाटा गोल्‍ड ईटीएफ भी तेजी से गिरे हैं. 

क्‍यों आई गोल्‍ड-सिल्‍वर ईटीएफ में गिरावट 
ग्‍लोबल स्‍तर पर जियो-पॉलिटिकल टेंशन कम होने से निवेशक सेफ असेट में पैसा लगाने से बच रहे हैं. दूसरी ओर, अमेरिकी रोजगार डाटा में अच्‍छे संकेत से रेट कटौती की उम्‍मीदें कम हो गई हैं. इसी कारण इनके दाम में गिरावट देखी जा रही है. साथ ही डॉलर में मजबूती ने भी सोने-चांदी के दाम को प्रभावित किया है, जिस कारण ईटीएफ प्राइस भी गिरे हैं. 

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अब निवेशकों को क्‍या करना चाहिए? 
एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि SEBI ने ETF की प्राइस बैंड व्यवस्था बदलने का प्रस्ताव रखा है ताकि वोलैटिलिटी (तेज़ उतार-चढ़ाव) को कम किया जा सके. उनका कहना है कि शॉर्ट टर्म के लिहाज से इसमें तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन लॉन्‍गटर्म के हिसाब से इसमें तेजी रह सकती है.  हाल ही में गोल्ड ETF में जनवरी 2026 में भारी इनफ़्लोज़ (लगभग ₹24,000 करोड़+) देखा गया, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है. 

एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि अगर आपने रिकॉर्ड हाई पर गोल्‍ड और सिल्‍वर ईटीएफ में एंट्री ली है तो अभी आपको प्राइस एवरेज कर लेना चाहिए और लॉन्‍ग टर्म के हिसाब से निवेशित रहना चाहिए. क्‍योंकि सोने और चांदी के दाम लॉन्‍ग टर्म में अच्‍छा मुनाफा करा सकते हैं.

(नोट- किसी भी ईटीएफ में खरीदारी से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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