मिडिल ईस्ट में युद्ध छिड़ने से कई देशों में एनर्जी संकट की आहट आती हुई दिख रही है. पाकिस्तान इसमें सबसे आगे दिखाई दे रहा है. यहां एनर्जी का गंभीर संकट इसके दहलीज पर खड़ा है. पड़ोसी मुल्क के पास कच्चे तेल से लेकर एलएनजी गैस सप्लाई तक, बस कुछ दिनों का ही स्टॉक बचा हुआ है.
इस बीच, कतर ने पाकिस्तान को एक बड़ी चेतावनी दी है. कतर ने पाकिस्तान को एक नोटिस (फोर्स मेज्योर) जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि वह पाकिस्तान को LNG सप्लाई करना बंद कर देगा. इसकी जानकारी पाकिस्तान के फेडरल एनर्जी मिनिस्टर अली परवेज मलिक ने दी है. उनका कहना है कि कतर के इस फैसले से पाकिस्तान में एनर्जी संकट और भी गंभीर होने वाला है.
हालांकि, कतर से एलएनजी की सप्लाई पहले से ही बाधित हुई है, क्योंकि ईरान ने इसके प्लांटों पर कई मिसाइल दागे थे. इसके बाद से कतर ने LNG का प्रोडक्शन और सप्लाई को रोक रखा है और इस कारण से पाकिस्तान जैसे देश पर गंभीर संकट छाया हुआ है. अब कतर ने नोटिस भेजा है कि वह पाकिस्तान के लिए एलएनजी सप्लाई को रोक देगा.
99 फीसदी पाकिस्तान की LNG जरूरत को पूरा करता है कतर
एनालिटिक्स फर्म केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान पर यह कितनी बड़ी आफत हो सकती है इसका अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं कि कतर और संयुक्त अरब अमीरात मिलकर पाकिस्तान के LNG जरूरत को 99% पूरा करते हैं. वहीं बांग्लादेश की 72% और भारत की 53% जरूरतों को पूरा करते हैं. हालांकि भारत के पास दूसरे विकल्प भी मौजूद हैं, लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश के पास विकल्प दिखाई नहीं देता है. अब पाकिस्तान के पास चुनौती है कि वह कतर के इस फैसले के बाद क्या करेगा?
पाकिस्तान के पास सीमित भंडार
इस व्यवधान से पाकिस्तान के लिए तत्काल चुनौती खड़ी हो गई है, जिनके पास आपूर्ति का सीमित भंडार है. केप्लर के प्रमुख इनसाइट विश्लेषक गो कातायामा के मुताबिक, पाकिस्तान और बांग्लादेश के पास भंडारण और खरीद की सीमित लचीलता है. ऐसे में यहां गैस की कीमतों में इजाफा देखा जा सकता है. साथ ही एलएनजी के यूज को भी सीमित किया जा सकता है.
बिजली का भी संकट
पाकिस्तान में एनर्जी खत्म होने से बिजली का भी संकट आ सकता है. साथ ही कोयले पर भी निर्भरता ज्यादा हो सकती है. वहीं कुछ एक्सपटर्स का कहना है कि सोलर एनर्जी में बढ़ रही उपलब्धा के कारण बिजली के संकट से बचा जा सकता है. इसके अलावा, कच्चे तेल का भी संकट पाकिस्तान में आने वाला है. यहां सीमित पेट्रोलियम रिजर्व है और कच्चे तेल का भी रिजर्व बहुत ज्यादा दिन का नहीं बचा है. इधर, ईरान से सप्लाई पूरी तरह से ठप हो चुकी है.