पिछले कुछ वर्षों में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं. इस दौरान ठगी करने वाले शातिर अपराधियों ने पैसे ऐंठने के नए-नए तरीके तलाश लिए हैं. देश के कुछ हिस्सों में मोबाइल टावर के नाम पर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है.
दरअसल, इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ने से देश में मोबाइल नेटवर्क टावर भी तेजी से लगाए जा रहे हैं. लेकिन कुछ लोग इसी को हथकंडा बनाकर भोले-भाले लोगों को ठग रहे हैं. टेलिकॉम की बड़ी कंपनियों के टावर लगवाने के नाम पर लोगों को मैसेज और ईमेल किए जाते हैं, और फिर झांसे में आते ही उनसे लाखों ठग लेते हैं.
ऐसे मैसेज से सावधान!
अगर आपके पास भी 5G/4G टावर लगवाने को लेकर कोई मैसेज या ईमेल आया तो फिर सावधान हो जाएं. आप भी ठगी के शिकार हो सकते हैं. ठग बकायदा मेल या फिर मैसेज के माध्यम से 5G/4G टावर लगवाने के संदर्भ में फर्जी दस्तावेज तक लोगों को भेज रहे हैं. ताकि उन्हें गुमराह किया जा सके. अगर आपके पास भी ऐसे दस्तावेज आए हैं, तो फिर उसकी जांच करें.
कई बार ठग किसी बड़ी प्राइवेट कंपनी के प्रतिनिधि बनकर फोन करते हैं. फोन में वे लोगों को अपनी छत के ऊपर या फिर कहीं खाली पड़ी जमीन पर मोबाइल टावर लगवाने का ऑफर देते हैं. इसके तहत हजारों रुपये महीने भुगतान का फर्जी दावा किया जाता है.
Have you also received similar 5G/4G tower installation messages, emails or documents?
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck)
BEWARE!
Miscreants look for opportunities to trick people into such
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जब लोग झांसे में आ जाते हैं तो उन्हें टावर लगाने से पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर पैसे जमा कराने के लिए कहा जाता है. पैसे जमा कराते ही लोग ठगी के शिकार हो जाते हैं. इसके लिए ठग किसी भी कंपनी का फर्जी वेब पेज तैयार कर लेते हैं. इसलिए कोई मेल आए तो उसकी जांच जरूर करें. लोग बिना जांच किए ही ठग के झांसे में आकर अपनी रकम उनके खाते में जमा कर देते हैं.
फिलहाल फिशिंग वेब पेज के जरिए ठगी करना साइबर शातिरों का तरीका है. PIBFactCheck का कहना है कि इस तरह के मैसेज आएं तो सावधान हो जाएं. और किसी तरह के प्रलोभन में नहीं आएं. फोन पर बैंक से संबंधित को जानकारी शेयर नहीं करें. पीबीआई की पड़ताल में पता चला है कि लोग टॉवर के नाम पर ठगे जा रहे हैं.