1 अप्रैल से नया फाइनेंशियल ईयर शुरू हो जाएगा, जिस कारण बहुत से कामों की डेडलाइन आज ही यानी 31 मार्च 2026 को समाप्त हो जाएगी. अगर आपने अभी तक 31 मार्च तक इन कामों को नहीं पूरा करे हैं तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. इसी में से एक काम TAX को लेकर भी है.
इनकम टैक्स विभाग के मुताबिक, फाइनेशियल ईयर 2020-21 (असेस्मेंट ईयर 2021-22) के लिए अपडेट आयकर रिटर्न (ITR-U) फाइल करने की लास्ट डेट 31 मार्च 2026 है. अगर एक बार यह समय खत्म हो गया तो आपको गलतियां सुधारने या उस समय के लिए छूटी हुई आय की रिपोर्ट करने का अवसर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा.
किसे फाइल करना होता है ITR-U?
ITR-U का मतलब लेट या संशोधित रिटर्न में हुई गलतियों को अपनी मर्जी से सुधारना और सही आईटीआर फाइल करना है. अगर आपको लगता है कि आपके भरे हुए आईटीआर में कोई गलती है या फिर कोई चीज छूट गई है और आप इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई से बचना चाहते हैं तो आप अपडेट आईटीआर फाइल कर सकते हैं. आप ITR-U का उपयोग रिफंड का दावा करने, मौजूदा रिफंड को बढ़ाने या "शून्य" रिटर्न दाखिल करने के लिए नहीं कर सकते हैं.
आइए जानते हैं कौन ये आईटीआर भर सकता है.
मूल आवेदन जमा करने की समय सीमा चूक गई.
कुछ आय की जानकारी देने में विफल रहे.
आय के गलत या टैक्स रेट का चयन किया गया.
पिछले वर्षों में हुए नुकसानों को समायोजित करने की आवश्यकता है.
200% का जुर्माना
अगर आप इस मौके से चूक जाते हैं तो आपको भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है. आयकर रिटर्न फाइल करने में देरी के आधार पर देय राशि पर 25 से 70 फीसदी तक एक्स्ट्रा टैक्स लगता है. आईटीआर-यू 12 महीनों के भीतर दाखिल किया जाता है तो 25% का अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा, 50% (24 महीने), 60% (36 महीने) और 70% (48 महीने) का अतिरिक्त टैक्स लगाया जाएगा.
हालांकि, डेडलाइन को नजरअंदाज करना कहीं अधिक जोखिम भरा है. अगर टैक्स विभाग को सबसे पहले गलती का पता चल जाता है, तो आपको कड़ी जांच, फिर से मूल्यांकन करना और यहां तक कि टैक्स चोरी की गई राशि के 200% तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है.