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बजट: किसान सम्मान की निधि घटी, अल्पसंख्यक मंत्रालय की जेब भी कटी

किसानों की नाराजगी को दूर करने के लिए किसान सम्मान निधि को बढ़ाने की बात हो रही थी, लेकिन सरकार ने किसान सम्मान निधि के इस बार के बजट में 10 हजार करोड़ की कटौती कर दी है. वहीं, 2014 के बाद से लगातार अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट में इजाफा हो रहा था, लेकिन पिछली बार की तुलना में इस बार 218 करोड़ की कमी की गई है.  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • किसान सम्मान निधि में 10 हजार करोड़ कटौती
  • अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट 218 करोड़ घटा
  • वित्तमंत्री ने साल 2021-22 का बजट पेश किया

कृषि कानूनों के खिलाफ देश में चल रहे किसान आंदोलन के बीच मोदी सरकार ने सोमावर को आम बजट पेश किया. इस बार किसानों की नाराजगी को दूर करने के लिए किसान सम्मान निधि को बढ़ाने की बात हो रही थी, लेकिन सरकार ने किसान सम्मान निधि के इस बार के बजट में 10 हजार करोड़ की कटौती कर दी है. वहीं, 2014 के बाद से लगातार अल्पसंख्यक मंत्रालय के बजट में इजाफा हो रहा था, लेकिन पिछली बार की तुलना में इस बार 218 करोड़ की कमी की गई है.  

पीएम किसान सम्मान निधि योजना में कटौती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले किसानों के खाते में सालाना 6000 रुपये की सहायता देने के लिए 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' योजना शुरू की थी, जिसके तहत दो-दो हजार की तीन किस्त सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है. किसान आंदोलन के चलते माना जा रहा था कि सरकार किसान सम्मान निधि को बढ़ा सकती है, लेकिन पिछले साल की तुलना में सरकार ने इस योजना में 10,000 करोड़ रुपये की कटौती की है.

मोदी सरकार ने पिछले साल के बजट में इस किसान सम्मान निधि योजना के लिए 75,000 करोड़ रुपये आवंटित किए थे, लेकिन इस साल घटकर यह 65,000 करोड़ रुपये रह गया है. वहीं, किसान संगठन मोदी सरकार से किसान सम्मान निधि को सालाना 6000 से बढ़ाकर 12 हजार करने की मांग कर रहे थे. इसके बावजूद सरकार ने बजट में ही कटौती कर दी है, जिसके चलते माना जा रहा है कि इस साल किसान सम्मान निधि योजना में नए लोगों को नहीं जोड़ा जा सकेगा और पुराने लाभार्थियों में कुछ लोगों की स्क्रूटनी की जा सकती है. 

अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट 218 करोड़ कम
मोदी सरकार 2.0 का तीसरा बजट केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया. मोदी सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पेश किए बजट में अल्पसंख्यक मंत्रालय के आवंटन में पिछली बार से 218.77 करोड़ रुपये की कटौती की गई है. केंद्रीय वित्त मंत्री ने साल 2021-22 के लिए पेश बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय को 4810.77 करोड़ का प्रावधान रखा है, जबकि 2020-21 में सरकार ने 5029 करोड़ रुपये दिए हैं. 

मोदी सरकार के 2014 में आने के बाद से अल्पसंख्यकों के लिए लगातार बढ़ोतरी हो रही थी, लेकिन पहली बार है जब कटौती की गई है. मोदी सरकार के दूसरी बार सत्ता में आने के बाद साल जुलाई में बजट पेश किया गया था. साल 2019-20 के बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए सरकार ने 4700 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा था. 

वहीं, लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार की ओर से अंतरिम बजट पीयूष गोयल ने पेश किया था. सरकार ने इस अंतरिम बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए 4700 करोड़ रुपये का आवंटन किया था. इससे पहले साल 2018-19 के आम बजट में अल्पसंख्यक मंत्रालय के लिए आवंटन में 505 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई थी.

मोदी सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए 4700 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था. वहीं, 2017-18 में मंत्रालय के लिए 4195 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे, जबकि 2016-17 में 3800 करोड़ रुपए आवंटित हुए थे.


 

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