scorecardresearch
 

'सरकार' की कार, झूठी रिपोर्ट और बीमा क्लेम... फर्जी अफसर की बिहार के शराब माफियाओं से वसूली की कहानी

बिहार के वैशाली में एक शातिर ठग का ऐसा खेल सामने आया है, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया. आरोपी ने पहले अपनी कार की चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर इंश्योरेंस कंपनी से लाखों का क्लेम ले लिया. फिर उसी गाड़ी पर बिहार सरकार- मद्य निषेध विभाग का बोर्ड लगाकर खुद को अधिकारी बताने लगा. इलाके में शराब माफियाओं से वसूली शुरू कर दी.

Advertisement
X
फर्जी अफसर कर रहा था शराब माफियाओं से वसूली. (Photo: Screengrab)
फर्जी अफसर कर रहा था शराब माफियाओं से वसूली. (Photo: Screengrab)

बिहार के वैशाली से सामने आए इस मामले ने पुलिस को भी हैरान कर दिया. यहां एक युवक ने बेहद शातिर तरीके से पहले इंश्योरेंस कंपनी को चूना लगाया और फिर सरकारी अधिकारी बनकर अवैध वसूली का खेल शुरू कर दिया. पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी कार की चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इस झूठी रिपोर्ट के आधार पर उसने इंश्योरेंस कंपनी से लाखों रुपये का क्लेम हासिल कर लिया.

इंश्योरेंस का पैसा मिलने के बाद आरोपी ने उसी गाड़ी को नया रूप दे दिया. उसने कार पर 'बिहार सरकार- मद्य निषेध विभाग' का बोर्ड लगवा लिया और खुद को मद्य निषेध विभाग का अधिकारी बताने लगा. इसके बाद वह इलाके में घूम-घूमकर शराब तस्करों और अवैध कारोबारियों को डराने लगा.

vaishali fake prohibition officer insurance fraud extortion using car

आरोपी खुद को बड़ा अधिकारी बताकर शराब माफियाओं को धमकाता था और उनसे पैसे वसूलता था. सरकारी गाड़ी जैसा दिखने और उस पर विभाग का बोर्ड लगे होने के कारण कई लोग उसे असली अधिकारी समझ बैठते थे और डर के कारण पैसे दे देते थे. इसी तरह वह लंबे समय से उगाही का खेल चला रहा था.

यह भी पढ़ें: वर्दी पर ट्रिपल स्टार, ACP लिखी कार... मऊ में फर्जी अफसर बनकर धौंस दिखा रहा रिटायर्ड इंस्पेक्टर का बेटा गिरफ्तार

पुलिस को इस पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू की गई. जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. पुलिस को पता चला कि जिस गाड़ी से आरोपी उगाही कर रहा था, वह कोई सरकारी वाहन नहीं, बल्कि वही कार थी, जिसकी चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराकर इंश्योरेंस क्लेम लिया गया था.

Advertisement

इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि गाड़ी पर लगी नंबर प्लेट भी फर्जी थी. पुलिस के मुताबिक, यह नंबर प्लेट मुजफ्फरपुर के एक व्यक्ति की कार की निकली. यानी आरोपी ने गाड़ी को पूरी तरह फर्जी सरकारी वाहन की तरह तैयार कर रखा था.

वैशाली के एसपी विक्रम सिहाग के निर्देश पर एसडीपीओ सुबोध कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार युवक की पहचान प्रभात कुमार के रूप में हुई है. पुलिस ने उसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए हैं.

vaishali fake prohibition officer insurance fraud extortion using car

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से खुद को मद्य निषेध विभाग का अधिकारी बताकर इलाके में घूम रहा था और शराब माफियाओं से वसूली कर रहा था. हालांकि अब पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे खेल में उसके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे.

कितने लोगों से वसूली की गई, जांच में जुटी पुलिस

फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों से इस तरह अवैध वसूली की और इस फर्जीवाड़े के जरिए कितनी रकम हासिल की.

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद शराब तस्करी पर कार्रवाई तेज है, लेकिन इसी का फायदा उठाकर कुछ अपराधी नए-नए तरीके से ठगी और उगाही के खेल भी रच रहे हैं. वैशाली में सामने आया यह मामला इसी तरह की एक बड़ी साजिश का उदाहरण बनकर सामने आया है.

Advertisement

पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और अगर इस फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.

---- समाप्त ----
(रिपोर्ट: विकास कुमार)
Live TV

Advertisement
Advertisement