महागठबंधन छोड़कर कुछ दिन पहले ही एनडीए में शामिल हुए बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार को लेकर आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने बड़ा बयान दिया है. लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि नीतीश कुमार दोबारा महागठबंधन में आएंगे तो देखेंगे. दरवाजा तो हमेशा खुला ही रहता है. लालू यादव के इस बयान के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.
नीतीश ने दिया था ये बयान
हालांकि नीतीश कुमार साफ कर चुके हैं कि वह अब एनडीए में ही रहेंगे. जेडीयू के दोबारा एनडीए में शामिल होने और बीजेपी के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाने के बाद कुछ दिन पहले उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. सीएम पद की शपथ लेने के बाद नीतीश ने कहा, 'मैं पहले भी उनके साथ था. हम अलग-अलग राहों पर चले, लेकिन अब हम साथ हैं और रहेंगे. मैं जहां (एनडीए) था, वहां वापस आ गया हूं और अब कहीं और जाने का सवाल ही नहीं उठता.'
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कब कब मारी नीतीश ने पलटी
आपको बता दें कि पिछले महीने के अंत में नीतीश कुमार ने महागठबंधन से नाता तोड़ते हुए गवर्नर को सीएम पद से इस्तीफा सौंपा था.फिर उसी दिन एनडीए गठबंधन के तहत नई सरकार के मुखिया के रूप में शपथ ली थी. साल 2013 में बीजेपी ने प्रधानमंत्री पद के लिए गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को उम्मीदवार घोषित कर दिया और इसी को आधार बनाकर नीतीश ने साल 1996 से चला आ रहा गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया.
जेडीयू ने 2014 का लोकसभा चुनाव अकेले लड़ा और पार्टी महज दो सीटें ही जीत सकी. नीतीश ने इस प्रदर्शन की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सीएम पद से इस्तीफा दे दिया और जीतनराम मांझी को सरकार की कमान सौंप दी. लेकिन कुछ ही महीनों में नीतीश का मन बदल गया और उन्होंने राजभवन पहुंचकर विधायकों का समर्थन पत्र सौंप सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया और फिर से मु्ख्यमंत्री बन गए थे. 2014 में लालू यादव की पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया. 2015 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू-आरजेडी के महागठबंधन को पूर्ण बहुमत के साथ सरकार चलाने का जनादेश मिला. आरजेडी को जेडीयू से अधिक सीटों पर जीत मिली और नीतीश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बनी.
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नीतीश की महागठबंधन सरकार में तेजस्वी डिप्टी सीएम थे. तेजस्वी का नाम भ्रष्टाचार के एक मामले में आया. इसके बाद नीतीश का मन बदल गया. साल 2017 में वह आरजेडी से गठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ आ गए. 2019 का लोकसभा चुनाव और 2020 का बिहार चुनाव जेडीयू ने बीजेपी के साथ मिलकर लड़ा. लोकसभा चुनाव में जेडीयू को 16 सीटों पर जीत मिली लेकिन विधानसभा चुनाव में पार्टी महज 43 सीटों पर सिमट गई.
नीतीश कुमार ने साल 2022 में फिर से बीजेपी का हाथ झटक आरजेडी से गठबंधन कर लिया. नीतीश कुमार ने आरजेडी के साथ मिलकर सरकार बना ली और तेजस्वी यादव ने उनकी सरकार में डिप्टी सीएम की शपथ ली.