मुंगेर न्याय मंडल के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रदीप कुमार चौधरी की अदालत ने सोमवार को पॉक्सो एक्ट के एक मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए दोषी को आजीवन कारावास तथा 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को तीन महीने अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. यह मामला 2022 का है तथा जमालपुर थाना के एक कांड से जुड़ा है. पिता होटल बुक कर नाबालिग बेटियों का शोषण करता था.
पिता-पुत्री के रिश्ते को कलंकित करने वाले इस मामले में दोषी की पत्नी ने केस दर्ज कराया था और अपने पति पर नाबालिग पुत्री के यौन शोषण का आरोप लगाया था. बताते चलें कि दोषी व्यक्ति सीआरपीएफ का जवान रहा है तथा एनएसजी का भी हिस्सा रहा है.
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट प्रीतम कुमार वैश्य ने बताया कि जमालपुर पुलिस के अनुसंधान के बाद आरोप पत्र समर्पित करने के बाद अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 लोगों की गवाही कराई गई तथा सभी ने आरोप का समर्थन किया. इसके बाद अभियोजन तथा बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने 24 फरवरी 2026 को अभियुक्त को दोषी करार दिया तथा सोमवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के पश्चात भारतीय दंड संहिता तथा पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत आजीवन कारावास व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई.
अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को तीन महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी. अभियुक्त पूर्व में सीआरपीएफ में था तथा मुंबई 26/11 के मामले में भी सीआरपीएफ टीम का हिस्सा रहा था.