दरभंगा में छह साल की मासूम बच्ची के साथ रेप और हत्या के मामले ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है. रविवार को पोस्टमार्टम के बाद बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया गया. दिनभर चले हंगामे और आक्रोश को देखते हुए शव के साथ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा. डीएमसीएच अस्पताल से शव को सीधे श्मशान घाट लाया गया, जहां कफन में लिपटी नन्ही बच्ची को देखकर परिजन फूट-फूटकर रो पड़े. यह मंजर देख वहां मौजूद लोगों की भी आंखें भर आईं.
श्मशान घाट पर भी पुलिस बल तैनात किया गया था. बड़ी संख्या में लोग हाथों में कैंडिल लेकर पहुंचे और नम आंखों से बच्ची को श्रद्धांजलि दी. हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया, लेकिन लोगों के मन में गुस्सा और दर्द साफ झलक रहा था. हर कोई एक ही मांग कर रहा था कि दरिंदगी करने वाले आरोपी को किसी भी हाल में कड़ी से कड़ी सजा मिले.
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आरोपी गिरफ्तार, जुर्म कबूल
इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी विकास महतो को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी पुलिस की हिरासत में है और उसने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया है. इसकी पुष्टि दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी पहले ही कर चुके हैं. घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने आरोपी के घर में तोड़फोड़ भी की थी. अब आरोपी की तस्वीर भी सामने आ चुकी है.
पुलिस का कहना है कि आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और मामले में मजबूत सबूत जुटाए गए हैं. गिरफ्तारी के बाद लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन गुस्सा अब भी थमा नहीं है. लोगों का कहना है कि सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि फांसी जैसी सख्त सजा ही इंसाफ होगी.
महिलाओं में डर, सरकार पर नाराजगी
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि इस घटना के बाद वे खुद को बेहद असुरक्षित महसूस कर रही हैं. एक महिला ने कहा कि अगर सरकार और कानून ऐसे दरिंदों को फांसी नहीं दे सकती, तो उन्हें समाज के हवाले कर देना चाहिए. उनका कहना था कि बच्चियां अब कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं, ऐसे में उन्हें अकेले स्कूल या कॉलेज कैसे भेजा जाए.

महिलाओं ने सरकार के “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” नारे पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि यह नारा अब सिर्फ नारा बनकर रह गया है. अगर हालात ऐसे ही रहे, तो वे डर की वजह से अपनी बेटियों को पढ़ाई के लिए बाहर नहीं भेजेंगी.
गरीब परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
स्थानीय महिला किरण देवी ने बताया कि बच्ची बेहद गरीब परिवार से थी. उसकी मां दाई का काम करती थी और उसी से घर चलता था. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उनके मोहल्ले में ऐसी घटना होगी. अब हर परिवार डरा हुआ है और भविष्य को लेकर चिंता में है.
लोगों का कहना है कि जब तक ऐसे अपराधियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक समाज में डर बना रहेगा. गिरफ्तारी के बाद भी लोगों की नजर अब अदालत और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है.