बिहार इन दिनों कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है. राज्य के लगभग सभी जिलों में तापमान तेजी से गिर रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित है. मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 30 जिलों में कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है. कोल्ड डे का मतलब है कि दिन का तापमान सामान्य से काफी कम रहता है और धूप भी नहीं निकलती, जिससे दिन भर ठंड महसूस होती है.
37 जिलों में 10 डिग्री से नीचे तापमान
बिहार के 38 जिलों में से 37 जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है. केवल मधुबनी जिले में ही न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से थोड़ा ऊपर दर्ज किया गया. राज्य में सबसे कम तापमान भागलपुर जिले के सबौर में दर्ज किया गया, जो सिर्फ 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा. यह इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है. सबौर में ठंड इतनी ज्यादा है कि वहां शिमला जैसी सर्दी महसूस हो रही है.
ठंडी हवाओं से बढ़ी ठिठुरन
राज्य की राजधानी पटना में भी ठंड ने लोगों को परेशान कर रखा है. यहां न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री कम होकर 16.2 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया. सुबह से शाम तक बर्फीली ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है. सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है, जिससे सड़कों पर वाहन चलाना मुश्किल हो रहा है. ट्रेनें और फ्लाइट्स भी देरी से चल रही हैं.
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अधिकतर जिलों में घना कोहरा छाया रहेगा और धूप कम ही निकलेगी. अगले 24 घंटों में राज्य के अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट हो सकती है. इससे ठंड और बढ़ने की संभावना है. उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण ठंडी पछुआ हवाएं बिहार की ओर आ रही हैं, जो सर्दी को और तीव्र बना रही हैं.
सड़कों पर लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं. कई जगहों पर स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं या टाइमिंग बदल दी गई है. डॉक्टरों का कहना है कि ठंड से सांस की बीमारियां, जोड़ों का दर्द और अन्य समस्याएं बढ़ सकती हैं. इसलिए लोगों को गर्म कपड़े पहनने, घर में रहने और गरम पानी पीने की सलाह दी जा रही है.
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह ठंड और कोहरा कुछ दिनों तक ऐसे ही बना रहेगा. मकर संक्रांति तक राहत मिलने की उम्मीद कम है.