यात्रियों से लूटपाट के बाद उन्हें चलती ट्रेन से नीचे फेंक देने वाले शातिर अपराधी को रेल पुलिस ने पटना से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार अपराधी खुद को रेल पुलिस का अफसर बताकर यात्रियों से लूटपाट करता था.
बताया जाता है कि मालदा टॉउन नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन पर दो व्यक्ति आरा के पास चढ़े. बिहिया पहुंचते ही एक अज्ञात व्यक्ति रेल पुलिस बनकर टिकट चेकिंग करने आया. फिर एक शख्स से 5000 रुपया लिये और एक से 5 हजार रुपये यूपीआई के जरिये ट्रांसफर कराया. इसके बाद दोनों को चलती ट्रेन से फेंक दिया.
ट्रेन से फेंके जाने के बाद घायल दोनों व्यक्तियों ने पुलिस को सूचना दी. इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले का उद्भेदन करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. जब रेल पुलिस को इस घटना की सूचना मिली, उन्होंने मामले की गंभीरता से लिया. फिर मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई गई. टीम ने आरोपी रोहित तिवारी को पटना के गांधी मैदान से गिरफ्तार कर लिया.
जब रेल पुलिस ने रोहित तिवारी से पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ. उसने बताया कि वह फर्जी रेल पुलिस बनकर, पुलिस की वर्दी और मोबाइल में आरपीएफ का लोगो लगाकर यात्रियों को डराता धमकाता था. पहले वह गुजरात में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था. एक बार वो बाइक चोरी के आरोप में जेल भी जा चुका है. पुलिस ने इसके पास के कई मोबाइल और बिहार पुलिस लिखा हुआ एक पर्स भी बरामद किया है.