बिहार के भागलपुर जिले से एक बेहद दिलचस्प और अनोखा वीडियो सामने आया है. अपराध की दुनिया से जुड़े रहने वाले एक शख्स ने बीच गंगा नदी में नाव पर सवार होकर न केवल अपने हथियार का विसर्जन किया, बल्कि सार्वजनिक रूप से अपराध छोड़ने की शपथ भी ली. वायरल वीडियो में दिख रहा शख्स खुद की पहचान कैलाश मंडल के रूप में दे रहा है, जो अब हिंसा का रास्ता छोड़कर आध्यात्मिक या शांतिपूर्ण जीवन जीने की बात कह रहा है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि नाव पर सवार अपराधी कैलाश मंडल पिता- बिंदेश्वरी मंडल गेरुआ रंग का गमछा ओढ़े हुए है. वह कैमरे के सामने अपना पूरा नाम और पता बताता है.
हथियार का विसर्जन
कैलाश के हाथ में एक देशी कट्टा है. वह कहता है कि "आज के बाद मैं कभी हथियार नहीं उठाऊंगा..." इसके तुरंत बाद वह हथियार को गंगा की बहती धारा में फेंक देता है. हथियार फेंकने के बाद वह हाथ जोड़कर कहता है कि अब उसका बाकी जीवन भगवान के भरोसे रहेगा और वह हिंसा से पूरी तरह दूर रहेगा. देखें VIDEO:-
इस वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में दो तरह की चर्चाएं तेज हैं. दरअसल, बिहार पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है. 'ऑपरेशन लंगड़ा' के तहत कई जिलों में अपराधियों की धरपकड़ और मुठभेड़ की खबरें आती रहती हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस के बढ़ते दबाव और एनकाउंटर के डर से अपराधी अब सरेंडर करने या अपराध छोड़ने के नए रास्ते निकाल रहे हैं.
भागलपुर और आसपास के इलाकों में महर्षि मेंहीं परमहंस के अनुयायियों की बड़ी संख्या है. उनके मत में सदाचार, अहिंसा और नशा-मुक्त जीवन पर जोर दिया जाता है. वीडियो में कैलाश मंडल के गेरुआ गमछे और उसकी बातों से यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि वह किसी आध्यात्मिक प्रभाव में आकर 'डाकू से संत' बनने की राह पर चल पड़ा है.
पुलिस की नजर और जांच
हालांकि अपराधी ने गंगा में हथियार फेंककर अपनी ओर से 'सरेंडर' का संदेश दिया है, लेकिन पुलिस के लिए यह जांच का विषय है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कैलाश मंडल पर कितने मामले दर्ज हैं और क्या यह वीडियो महज पुलिस की कार्रवाई से बचने का एक पैंतरा है या वाकई एक हृदय परिवर्तन. (रिपोर्ट:- राजीव सिद्धार्थ)