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बांकीपुर में BJP ने ऐन वक्त पर क्यों बदला उम्मीदवार? इनसाइड स्टोरी जानकर रह जाएंगे हैरान

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ने नामांकन वापस ले लिया है. आधिकारिक तौर पर उन्होंने पारिवारिक कारणों का हवाला दिया, लेकिन अब जो वजह निकलकर सामने आई है वो कुछ और है. अब बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार बनाया है.

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 बांकीपुर से अभिषेक बंटी के पीछे हटने की वजह सामने आ गई है.(File photo)
बांकीपुर से अभिषेक बंटी के पीछे हटने की वजह सामने आ गई है.(File photo)

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी गलियारों में उस वक्त खलबली मच गई, जब बीजेपी उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ अभिषेक बंटी ने नामांकन दाखिल करने के महज एक दिन बाद ही शुक्रवार को अपना नाम वापस ले लिया.

अभिषेक बंटी ने हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसके पीछे 'पारिवारिक कारणों' का हवाला दिया है, लेकिन अंदरखाने की कहानी कुछ और ही बयां कर रही है. सूत्रों की मानें तो बीजेपी ने यह कदम किसी मजबूरी या पारिवारिक कारण से नहीं, बल्कि एक बड़े विवाद से बचने और चुनावी जोखिम को शून्य करने के लिए उठाया है.

अभिषेक बंटी को चुनावी मैदान से हटाने के पीछे सबसे बड़ा कारण उनके पिता का अतीत बताया जा रहा है. अभिषेक बंटी के पिता रविंद्र प्रसाद सिन्हा बिहार के बहुचर्चित 'चारा घोटाले' में दोषी पाए गए थे. रविंद्र प्रसाद सिन्हा 'मेसर्स मगध केमिकल्स कॉर्पोरेशन' नाम की एक कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे.

इस कंपनी पर चारा घोटाले के दौरान फर्जी बिलों के आधार पर अवैध सप्लायर बनने और सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने का गंभीर आरोप था. इस मामले में रविंद्र प्रसाद सिन्हा पर मुकदमा चला और वे दोषी साबित हुए.

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बीजेपी नेतृत्व को इस बात का डर था कि चुनाव प्रचार के दौरान विपक्षी दल (आरजेडी, कांग्रेस और जनसुराज) 'चारा घोटाला' और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बीजेपी को चौतरफा घेर सकते थे, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता.

नामांकन में शैक्षणिक योग्यता छुपाना
अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, सिर्फ चारा घोटाला ही नहीं बल्कि अभिषेक बंटी के नामांकन फॉर्म में भी भारी गड़बड़ी की बात सामने आई थी. अभिषेक बंटी ने अपने नॉमिनेशन पेपर में खुद को 10वीं पास बताया था. लेकिन जब उनके शैक्षणिक दस्तावेजों और रिजल्ट की बारीकी से जांच की गई, तो उसमें कुछ गंभीर विसंगतियां और गड़बड़ियां पाई गईं.

बीजेपी को अंदेशा था कि नामांकन पत्रों की जांच के दौरान निर्वाचन अधिकारी अभिषेक बंटी का नामांकन रद्द कर सकते थे. ऐसे में बीजेपी के पास वहां कोई उम्मीदवार ही नहीं बचता. इस तकनीकी और कानूनी रिस्क से बचने के लिए पार्टी ने उनसे खुद ही नाम वापस दिलवा दिया.

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नीरज कुमार सिन्हा बने नए उम्मीदवार
बांकीपुर सीट पर किसी भी तरह का जोखिम न लेते हुए बीजेपी ने तुरंत डैमेज कंट्रोल किया और अभिषेक बंटी की जगह 32 साल के नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया. नीरज कुमार सिन्हा पार्टी के एक जमीनी और पुराने कार्यकर्ता हैं. वे साल 2006 से ही बीजेपी से जुड़े हुए हैं. उन्होंने संगठन में बूथ अध्यक्ष से लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के जिला उपाध्यक्ष के रूप में काम किया है.

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आपको बता दें कि बांकीपुर सीट पर उपचुनाव 30 जुलाई को होगा जबकि वोटों की गिनती 3 अगस्त को होगी. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 13 जुलाई है. इस सीट पर जनसुराज के प्रशांत किशोर भी चुनावी मैदान में हैं. वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने रेखा गुप्ता को अपना कैंडिडेट घोषित किया है. 

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