भारत की ऑटो इंडस्ट्री सुस्ती के दौर से गुजर रही है. कार और बाइक्स के बाद अब ट्रकों की बिक्री में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक सालाना आधार पर अगस्त महीने में ट्रकों की बिक्री 60 फीसदी कम हो गई है. वहीं बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी अशोक लीलैंड के मीडियम एंड हेवी कमिर्शयल व्हीकल (M&HCV) ट्रकों की बिक्री में 70 फीसदी की गिरावट आई है.
इसी तरह टाटा मोटर्स के ट्रकों की बिक्री में भी 50 फीसदी से अधिक की कमी देखने को मिली है. सुस्त बिक्री की चपेट में वॉल्वो इचर मेकर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा भी आए हैं. इन कंपनियों की बिक्री में तब गिरावट आई है जब उच्च टन ( 49 टन से अधिक) क्षमता वाले ट्रकों पर छूट दी जा रही है. इसके बावजूद मांग में कमी आने से संकट बढ़ता जा रहा है.
अशोक लीलैंड का हाल
अशोक लीलैंड के अगस्त महीने की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने अगस्त में कुल 9,231 यूनिट बेचीं, जो 2018 में इसी महीने के दौरान बेची गई 17,386 यूनिटों से कम रहीं. कंपनी के माल वाहक-हल्के, मध्यम और भारी ट्रकों की अगस्त में 7,432 यूनिटों की बिक्री हुई, जबकि 2018 के अगस्त में 15,945 यूनिटों की बिक्री हुई थी. दूसरी तरफ, बस की बिक्री भी सुस्त रही. बीते महीने 1,799 यूनिटों की हुई, जबकि अगस्त 2018 में 1,441 यूनिटों की बिक्री हुई.अगर टाटा मोटर्स की बात करें तो अगस्त 2018 में 12,715 ट्रकों की बिक्री हुई थी जो अब घटकर 5 हजार 340 रह गई है.
ऑटो सेक्टर का संकट गहराया
ऑटो सेक्टर का संकट गहराता जा रहा है. देश की सबसे बड़ी ऑटो मेकर कंपनी मारुति सुजुकी के मानेसर और गुरुग्राम के प्लांट 7 और 9 सितंबर को बंद रहेंगे. मारुति की ओर से यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब कंपनी की बिक्री में लगातार गिरावट आ रही है. इस वजह से मारुति की ओर से प्रोडक्शन में भी भारी कटौती की गई है. वहीं अन्य कंपनियां भी प्रोडक्शन कम कर रही हैं. इस वजह से छंटनी भी हो रही है.