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नई Mahindra Scorpio में पीछे से नहीं खुलेगा गेट, मिलेगी 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग!

पुरानी स्कॉर्पियो की साइड सीट उसकी सबसे बड़ी खासियतों में से एक है. साइड फेसिंग सीट का सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि ये ज्यादा लोगों को एक साथ ले जाने में मदद करती है. वहीं स्कॉर्पियो देश में राजनेताओं और पुलिस का पसंदीदा वाहन रही है, ऐसे में बैक डोर से एंट्री-एक्जिट आकस्मिक स्थिति में इस कार को क्विक एक्सेस वाली गाड़ी बनाता है.

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27 जून को लॉन्च होनी है नई महिंद्रा स्कॉर्पियो 27 जून को लॉन्च होनी है नई महिंद्रा स्कॉर्पियो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नई स्कॉर्पियो का लॉन्च 27 जून को
  • साइड फेसिंग सीट नहीं होती सेफ
  • पुरानी स्कॉर्पियो में आती थी साइड सीट

आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) की कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) अपनी नई स्कॉर्पियो (New Scorpio-N) इसी महीने लॉन्च करने जा रहा है. इस Big Daddy of SUVs के एक्सटीरियर और इंटीरियर की कई डिटेल्स सामने आ गई हैं, और इन्हीं से पता चलता है कि इस गाड़ी को GNCAP की हाई सेफ्टी रेटिंग मिल सकती है.

3rd Row की सीट हैं सामने की ओर
नई महिंद्रा स्कॉर्पियो 2022 का जो टीजर सामने आया है, उससे पता चलता है कि इसमें तीसरी लाइन की सीट भी सामने की ओर होंगी. जबकि पिछले मॉडल में पिछली सीटों पर जाने के लिए एंट्री बैक डोर से होती थी और ये साइड फेसिंग सीट थीं. इसलिए इस बार जीएनसीएपी की सेफ्टी रेटिंग में इस कार को हाई रेटिंग (संभतया 5-स्टार) मिल सकती है.

इतना ही नहीं, इस बार स्कॉर्पियो में मिडिल सीट बेंच स्टाइल की नहीं है, बल्कि ये कैप्टन सीट हैं. साथ ही इसमें  पीछे थर्ड लाइन की सीट पर जाने के लिए सेंकेंड लाइन की सीट को फोल्ड करने की भी जरूरत नहीं होगी, क्योंकि उसके लिए अलग से स्पेस दिया गया है. इस वजह से भी इसकी सेफ्टी रेटिंग ऊंची रहने की संभावना बढ़ गई है.

साइड फेसिंग सीट इसलिए नहीं होती सेफ
दरअसल इस समय सभी ऑटो कंपनियों का जोर गाड़ियों की सेफ्टी पर सबसे ज्यादा है. इसमें भी टाटा मोटर्स (Tata Motors) और महिंद्रा एंड महिंद्रा अभी सबसे ज्यादा ध्यान दे रही हैं. साइड फेसिंग सीट के साथ सबसे बड़ी दिक्कत पहले तो सीट बेल्ट की होती है. दूसरी दिक्कत फिजिक्स से जुड़ी है. बचपन में हम सभी ने न्यूटन के पहले नियम (Law of Motion) के बारे में पढ़ा होगा. इस नियम के हिसाब से जब आप साइड फेसिंग सीट पर सफर कर रहे होते हैं, तो कार के टकराने या अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में पैसेंजर का व्हीकल सही नहीं बन पाता, इसलिए उनके लिए ये व्यवस्था सेफ नहीं रहती.

इस वजह से जीएनसीएपी के क्रैश टेस्ट में Scorpio-N के हाई सेफ्टी रेटिंग की संभावना बढ़ गई है. यही वजह से है कि Mahindra Thar के बेस वैरिएंट को हटा दिया गया है, क्योंकि उसमें बेंच सीट थी. इसकी वजह Thar को मिली 4-स्टार सेफ्टी रेटिंग को बनाए रखना है.

फायदे भी हैं साइड सीट के
वैसे साइड फेसिंग सीट के नुकसान ही नहीं, कुछ फायदे भी हैं. पुरानी स्कॉर्पियो की साइड सीट उसकी सबसे बड़ी खासियतों में से एक है. साइड फेसिंग सीट का सबसे बड़ा फायदा ये होता है कि ये ज्यादा लोगों को एक साथ ले जाने में मदद करती है. वहीं स्कॉर्पियो देश में राजनेताओं और पुलिस का पसंदीदा वाहन रही है, ऐसे में बैक डोर से एंट्री-एक्जिट आकस्मिक स्थिति में इस कार को क्विक एक्सेस वाली गाड़ी बनाता है.

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