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किसी भी दीवार को 'थिएटर' बना देगी ये कार! हेडलाइट से प्रोजेक्ट करती है सिनेमा

हुवेई टेक्नोलॉजी और BAIC Motor ने मिलकर Stelato S9 नाम की सेडान कार में ऐसी हेडलाइट (Huawei Xpixel) का इस्तेमाल किया है, जो सड़क पर रोशनी देने के साथ-साथ बाहर दीवार पर 100 इंच तक की स्क्रीन पर फिल्म भी दिखा सकती हैं.

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Huawei Xpixel हेडलाइट के इस्तेमाल से सड़क पर सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. Photo: ITG
Huawei Xpixel हेडलाइट के इस्तेमाल से सड़क पर सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. Photo: ITG

गाड़ी की हेडलाइट से अब सिर्फ रोशनी नहीं निकलेगी, फिल्म भी चलेगी. जी हां, जो चीज आपने अब तक मॉल या थिएटर में देखी, वो अब सड़क किनारे आपकी कार कर देगी. चीन की कार कंपनियों ने ऐसा जुगाड़ निकाला है कि गाड़ी खड़ी कीजिए, दीवार ढूंढिए और शुरू हो जाएगा आपका अपना पर्सनल सिनेमा हॉल. सवाल ये है कि ये कमाल की टेक्नोलॉजी है या फिर सड़क पर नया सिरदर्द बनने वाली है. कहानी बेहद दिलचस्प है.

कभी बेहद लोकप्रिय रहे ड्राइव-इन थिएटर अब लगभग इतिहास बन चुके हैं, लेकिन चीन की कार कंपनियां इसे एक नए अंदाज में फिर से जिंदा करने की कोशिश कर रही हैं. अब कारों की हेडलाइट्स सिर्फ रास्ता ही नहीं दिखाएंगी, बल्कि फिल्मों को दीवार पर प्रोजेक्ट भी करेंगी. 

Stelato S9 नाम की सेडान, जिसे हुवेई टेक्नोलॉजी और BAIC Motor ने मिलकर तैयार किया है, इसमें ऐसी हेडलाइट्स दी गई हैं जो सड़क पर रोशनी देने के साथ-साथ बाहर दीवार पर 100 इंच तक की स्क्रीन पर फिल्म भी दिखा सकती हैं. इन 2 मेगापिक्सल हेडलाइट्स की मदद से सड़क पर क्रॉसवॉक और नेविगेशन एरो भी प्रोजेक्ट किए जा सकते हैं.

huawei xpixel headlight
Stelato S9 एक फुल-साइज लग्ज़री इलेक्ट्रिक सेडान है, जिसे 2024 में लॉन्च किया गया था. Photo: Huawei Technologies

चीन में बढ़ती टेक्नोलॉजी की रेस

चीन का कार बाजार दुनिया के सबसे ज्यादा टफ कम्पटीशिन वाले बाजारों में से एक है. ऐसे में चीनी कंपनियां लगातार नए-नए इनोवेशन कर रही हैं ताकि वे दूसरों से आगे निकल सकें. जॉन झैंग, जो Seres Group के अध्यक्ष हैं, का कहना है कि यह फीचर उनकी कारों की सबसे बड़ी खासियतों में से एक है. कंपनी Aito ब्रांड के तहत कारें बनाती है और इसके M सीरीज मॉडल में इस तरह के कई अपग्रेड किए गए हैं.

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BMW और Mercedes भी पीछे नहीं

सिर्फ चीन ही नहीं, बल्कि जर्मनी की बड़ी कंपनियां भी इस तकनीक पर काम कर रही हैं. बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज बेंज भी पिक्सेलेटेड हेडलाइट्स डेवलप करने में लगी हैं. जिससे सड़क पर और ज्यादा साफ और तेज रोशनी मिल सके. हालांकि फीचर्स जोड़ने की रेस में चीनी कंपनियां फिलहाल आगे नजर आ रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले समय में इस तरह की एडवांस लाइटिंग टेक्नोलॉजी का बाजार करीब 1.1 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है.

हुवेई टेक्नोलॉजी सिर्फ बाहर ही नहीं, बल्कि कार के अंदर भी इस एक्सपीरिएंस को ला रही है. कंपनी ऐसी तकनीक पर काम कर रही है जिसमें आगे की सीट के पीछे रोल-अप स्क्रीन पर या कार के टेलगेट से इमेज प्रोजेक्ट की जा सकती हैं. यानी कार अब एक चलता-फिरता मिनी थिएटर बन सकती है.

सेफ्टी को लेकर उठे सवाल

हालांकि इस नई तकनीक के साथ कुछ सवाल भी खड़े हो रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि चलती कारों से सड़क पर इमेज प्रोजेक्ट होने से अन्य ड्राइवरों का ध्यान भटक सकता है. जिससे सड़क हादसा होने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. ऐसे में यह देखना जरूरी होगा कि रेगुलेटर्स इस पर क्या नियम बनाते हैं और इसे कितना सुरक्षित माना जाता है.

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