मंदिर-मस्जिद-गुरुद्वारे के बाहर प्रदर्शन पर लगेगा बैन, अमेरिका में कानून बनाने की तैयारी

अमेरिकी सांसदों ने धार्मिक स्थलों पर पूजा के दौरान लोगों की सुरक्षा के लिए 100 फीट का प्रोटेस्ट-फ्री बफर जोन बनाने वाले बिल को जल्द पास कराने की कोशिश तेज कर दी है. हिंदू, सिख और यहूदी संगठनों समेत 30 से ज्यादा समूहों ने कैपिटल हिल पहुंचकर बिल का समर्थन किया.

Advertisement
अमेरिका में धार्मिक स्थलों के बाहर प्रदर्शनों पर रोक लगाने की तैयारी है. (File Photo) अमेरिका में धार्मिक स्थलों के बाहर प्रदर्शनों पर रोक लगाने की तैयारी है. (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:31 AM IST

अमेरिका में मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे जैसे धार्मिक स्थलों पर जाने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए नया कानून लाने की तैयारी हो रही है. अमेरिकी सांसद एक ऐसे बिल को जल्द पास कराने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें पूजा स्थल के आसपास 100 फीट तक का नो-प्रोटेस्ट जोन बनाने की बात कही गई है. यानी पूजा के समय इस इलाके में प्रदर्शन या लोगों को रोकने जैसी गतिविधियों पर रोक लग सकती है.

Advertisement

बुधवार को 30 से ज्यादा संगठन इस बिल के समर्थन में कैपिटल हिल पहुंचे. इनमें हिंदू, सिख और यहूदी संगठनों के लोग भी शामिल थे. इस बिल को डेमोक्रेट सांसद टॉम सुोजी और रिपब्लिकन सांसद ब्रैड नॉट ने हाउस में पेश किया है. बिल का नाम राइट टू वर्शिप एक्ट है. इसे अगस्त में दोनों पार्टियों के समर्थन से पेश किया गया था.

यह भी पढ़ें: चांद के आसपास जंग की तैयारी में अमेरिका, स्पेस फोर्स में लगाई ताकत... चिढ़ा चीन

इस बिल में कहा गया है कि किसी व्यक्ति को जानबूझकर पूजा करने जाने से रोकना या पूजा में रुकावट डालना गैरकानूनी होगा. सांसद टॉम सुोजी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को चर्च, मस्जिद, मंदिर या गुरुद्वारे में पूजा करने के लिए डरने या किसी खास तरह की हिम्मत दिखाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए.

Advertisement

रिपब्लिकन सांसद ब्रैड नॉट ने कहा कि अमेरिका में पूजा करने का अधिकार खतरे में है. उन्होंने इसे संविधान के फर्स्ट अमेंडमेंट से जुड़े अधिकारों का मामला बताया. अमेरिकी संविधान का फर्स्ट अमेंडमेंट धर्म मानने, अपनी बात कहने, प्रेस, शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सरकार के सामने अपनी बात रखने की आजादी देता है.

हिंदू संगठनों ने भी किया समर्थन

इस बिल को कई हिंदू, सिख और यहूदी संगठनों का समर्थन मिला है. इनमें हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन, UNITED SIKHS, अमेरिकन ज्यूइश कमेटी, BAPS स्वामीनारायण संस्था और कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका शामिल हैं.

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुहाग शुक्ला ने कहा कि हाल के वर्षों में अमेरिका के कुछ हिंदू मंदिरों में श्रद्धालुओं को परेशान करने और पूजा में रुकावट डालने की घटनाएं सामने आई हैं. उनके मुताबिक, नया कानून ऐसी हरकतों से लोगों को बचाने में मदद करेगा.

यह भी पढ़ें: अमेरिका ने फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास का वीजा रोका, UN महासभा में नहीं हो सकेंगे शामिल

BAPS स्वामीनारायण संस्था ने बताया कि हाल के वर्षों में उसके चार मंदिरों में तोड़फोड़ की गई है. संगठन का कहना है कि किसी परिवार को मंदिर या किसी दूसरे धार्मिक स्थल में जाते समय अपनी सुरक्षा को लेकर डर नहीं होना चाहिए.

Advertisement

बिल का समर्थन करने वाले संगठनों का कहना है कि इसका मकसद किसी एक धर्म की सुरक्षा करना नहीं है. इसके जरिए हर धर्म के लोगों को बिना डर और बिना किसी रुकावट के पूजा करने का अधिकार सुरक्षित करने की कोशिश की जा रही है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »