अमेरिका के मिनियापोलिस में हंगामे के बीच फेडरल एजेंट्स ने ली एक और जान, गुस्साई भीड़ ने लगाए कायर-कायर के नारे

अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों के खिलाफ बड़ी संख्या में लोग प्रोटेस्ट कर रहे हैं. शुक्रवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने मिनियापोलिस की सड़कों पर मार्च किया. इस दौरान ट्रंप की इमिग्रेशन कार्रवाई को खत्म करने की मांग की गई.

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अमेरिका के मिनियापोलिस में फेडरल एजेंट ने फिर एक शख्स को मारी गोली (Photo: AP) अमेरिका के मिनियापोलिस में फेडरल एजेंट ने फिर एक शख्स को मारी गोली (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:14 AM IST

अमेरिका के मिनियापोलिस में फेडरल एजेंट्स ने एक और शख्स को गोली मार दी है. इस घटना के बाद फेडरल एजेंट्स ने भीड़ पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया. मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने राज्य में ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी की आलोचना की. 

टिम वॉल्ज ने कहा कि मिनियापोलिस में फेडरल एजेंट्स ने एक और शख्स को गोली मार दी है. इस शख्स की उम्र 51 साल बताई जा रही है. उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए ट्रंप प्रशासन द्वारा राज्य में चलाए जा रहे इमिग्रेशन प्रवर्तन अभियान को तुरंत समाप्त करने की मांग की. 

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डेमोक्रेट वॉल्ज ने कहा कि उन्होंने इस घटना के बाद व्हाइट हाउस से संपर्क किया है और उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की कि राज्य में चल रहे इस ऑपरेशन को खत्म किया जाए. वॉल्ज ने पोस्ट कर कहा कि ये घिनाौना है. राष्ट्रपति को इस अभियान को खत्म करना चाहिए. मिनेसोटा से हजारों हिंसक, बिना प्रशिक्षण वाले अधिकारियों को वापस बुलाओ, अभी. 

हालांकि, बता दें कि घटना की परिस्थिति स्पष्ट नहीं है लेकिन कहा जा रहा है कि ये घटना मिनियापोलिस के दक्षिण हिस्से में हुई. स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि वे इस मामले की जांच कर रहे हैं और लोगों से शांत रहने और उस इलाके से दूर रहने का आग्रह किया.

आधिकारिक बयान के अनुसार, गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने कहा कि घायल व्यक्ति के पास एक हथियार और दो मैगजीन थी. विभाग ने इस हथियार की एक तस्वीर भी जारी की है.

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गोलीबारी के बाद गुस्साई भीड़ ने फेडरल एजेंट्स को कायर कहते हुए उन्हें वहां से जाने को कहा. बता दें कि ये घटना ट्रंप प्रशासन के बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे एंटी इमिग्रेशन ऑपरेशन के दौरान हुई. इससे पहले सात जनवरी को 37 साल की रेनी गुड नाम की महिला को आईसीई अधिकारी ने गोली मार दी थी, जिसके बाद से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था. 

ये सारा बवाल तब शुरू हुआ था, जब एक ICE एजेंट की गोली से 37 साल की रेनी गुड की मौत हो गई. रेनी गुड तीन बच्चों की मां थी. डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने दावा किया था कि वह महिला दंगाई थी और उसने एजेंट को गाड़ी से कुचलने की कोशिश की थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ICE एजेंट का बचाव किया था.

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