रूस की सबसे अमीर महिला की कंपनी पर यूक्रेन का बड़ा हमला, वाइल्डबेरीज के वेयरहाउस पर गिरे 822 ड्रोन... ₹58,600 करोड़ का नुकसान

रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन कंपनी वाइल्डबेरीज अब यूक्रेन के ड्रोन हमलों के निशाने पर है. मॉस्को के पास कंपनी का सबसे बड़ा गोदाम तबाह हो गया. यूक्रेन का आरोप है कि इस प्लेटफॉर्म से ड्रोन पुर्जे और सैन्य इस्तेमाल का सामान भी बिकता है, जिसे कंपनी नकारती है. अब तक कंपनी के 7 बड़े गोदाम तबाह हो चुके हैं और करीब 480 अरब रूबल का नुकसान हो चुका है.

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यूक्रेन के निशाने पर रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज (Photo: Reuters) यूक्रेन के निशाने पर रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:50 AM IST

रूस और यूक्रेन के बीच जंग अब सिर्फ जमीन पर कब्जे तक सीमित नहीं रह गई है. दोनों देश अब एक दूसरे की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए हमले कर रहे हैं. यूक्रेन ड्रोन के जरिए रूस के तेल ठिकानों, फैक्ट्रियों और सप्लाई चेन को निशाना बना रहा है, जबकि रूस यूक्रेन के शहरों और जरूरी ढांचे पर मिसाइल और ड्रोन दाग रहा है. 

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इसी जंग में अब एक नया नाम चर्चा में आया है, वाइल्डबेरीज. यह रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी है, जिसे देश की सबसे अमीर महिला अरबपति तातियाना किम चलाती हैं. रविवार को रूस ने कहा कि उसने 17 इलाकों में यूक्रेन के 822 ड्रोन को रोका या मार गिराया. यह जंग के दौरान यूक्रेन के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक था. 

मॉस्को इलाका इस हमले का मुख्य निशाना था. इसी हमले में मॉस्को से करीब 45 किलोमीटर दूर कोलेदिनो औद्योगिक इलाके में वाइल्डबेरीज का बड़ा गोदाम भी तबाह हुआ. करीब ढाई लाख वर्ग मीटर में फैला यह गोदाम कंपनी का सबसे बड़ा वेयरहाउस है.

यह कोई इक्का दुक्का घटना नहीं है. पिछले कई हफ्तों से यूक्रेनी सेना बार बार वाइल्डबेरीज के ठिकानों पर हमले कर रही है. सवाल यह है कि आखिर एक शॉपिंग कंपनी यूक्रेन के निशाने पर क्यों है.

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दरअसल वाइल्डबेरीज सिर्फ कपड़े और रोजमर्रा का सामान बेचने वाली कंपनी नहीं रह गई है. साल 2004 में यूरोपीय कैटलॉग से कपड़े बेचने वाले एक छोटे बिजनेस के तौर पर शुरू हुई यह कंपनी अब एक बड़ी रिटेल ताकत बन चुकी है. 

यह भी पढ़ें: रूस-यूक्रेन ने एक-दूसरे पर दागे ड्रोन, 11 लोगों की मौत

इसे तातियाना किम और उनके पूर्व पति व्लादिस्लाव बकालचुक ने मिलकर खड़ा किया था. साल 2022 में रूस पर हमले के बाद जब पश्चिमी देशों की कंपनियां रूस छोड़कर चली गईं, तो वाइल्डबेरीज ने उनकी जगह ले ली. 

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अब रूस की कुल रिटेल बिक्री का करीब 10 फीसदी हिस्सा वाइल्डबेरीज से ही होता है. कंपनी के पास करीब 40 बड़े गोदाम और लगभग 200 छोटे ठिकाने हैं, जो लाखों वर्ग मीटर में फैले हैं. यही बड़ा नेटवर्क अब यूक्रेन के निशाने पर है.

यूक्रेन का आरोप है कि वाइल्डबेरीज सिर्फ कपड़े और सामान नहीं बेचती, बल्कि इसके जरिए ड्रोन के पुर्जे, नेविगेशन उपकरण, बुलेट प्रूफ जैकेट जैसा सामान भी बिकता है, जो रूसी सेना तक पहुंच सकता है. हालांकि वाइल्डबेरीज और क्रेमलिन दोनों ने इन आरोपों को खारिज किया है. 

कंपनी का कहना है कि उसके नियमों में हथियार बेचना पूरी तरह मना है. फिर भी न्यूयॉर्क टाइम्स की पड़ताल में प्लेटफॉर्म पर एफपीवी ड्रोन और फाइबर ऑप्टिक केबल जैसी चीजें मिली हैं, जिनका इस्तेमाल जंग में हो सकता है.

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यूक्रेन की रक्षा मंत्री के मुताबिक, वाइल्डबेरीज के 10 सबसे बड़े गोदामों में से 7 अब तबाह हो चुके हैं. कंपनी के करीब 95 हजार पिकअप पॉइंट हैं, और रूस की आधी से ज्यादा आबादी हर महीने इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करती है. यही वजह है कि इस पर हमला आम रूसी नागरिकों तक जंग का असर पहुंचाने का जरिया बन गया है.

मॉस्को की कंपनी डेटा इनसाइट के अनुमान के मुताबिक, कंपनी अपने करीब एक तिहाई गोदाम और लगभग 480 अरब रूबल का सामान गंवा चुकी है. इसका असर वाइल्डबेरीज पर सामान बेचने वाले व्यापारियों पर भी पड़ा है, और कई विक्रेता अब दूसरी कंपनी ओजोन की तरफ रुख कर रहे हैं.

तातियाना किम ने इन हमलों को आतंकी हमला बताया है और कहा कि इसके पीछे कोई तर्क नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन आम लोगों में डर और दहशत फैलाना चाहता है. फिलहाल कंपनी अपने गोदामों को अलग अलग जगह बांटने की कोशिश में जुटी है, ताकि आगे नुकसान कम हो सके.
 

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