अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों पर लगाए गए टैरिफ को रद्द करने संबंधी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने इस फैसले को 'शर्मनाक' बताते हुए कहा कि उनके पास इसके लिए 'बैकअप प्लान' मौजूद है.
वैकल्पिक रास्ते अपना सकते हैं ट्रंप
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप अपनी आर्थिक नीति को आगे बढ़ाने के लिए अब वैकल्पिक रास्ते अपना सकते हैं. 6-3 के बहुमत से आए फैसले में चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स की अगुवाई वाली बेंच ने निचली अदालत के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया था कि ट्रंप ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल करते हुए अपने अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़कर टैरिफ लगाए.
गवर्नर्स के साथ बैठक में थे ट्रंप
अदालत ने स्पष्ट किया कि यह कानून राष्ट्रपति को आयात को विनियमित करने की शक्ति तो देता है, लेकिन टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता. बताया गया कि यह फैसला उस समय आया जब ट्रंप गवर्नर्स के साथ बैठक में थे. इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है.
IEEPA के तहत राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल में वित्तीय लेनदेन तथा आयात-निर्यात को नियंत्रित कर सकते हैं, लेकिन इसमें टैरिफ का जिक्र नहीं है. पहले के राष्ट्रपति इस कानून का उपयोग प्रतिबंध लगाने के लिए करते रहे हैं, जबकि टैरिफ लगाने के लिए इसका इस्तेमाल करने वाले ट्रंप पहले राष्ट्रपति थे.
भारत पर भी लगाया था 50 फीसदी टैरिफ
पिछले साल से ट्रंप प्रशासन ने कई देशों पर टैरिफ लगाए थे, जिनमें भारत पर 50 फीसदी तक का टैरिफ भी शामिल था. इसका एक हिस्सा भारत की ओर से रूस से कच्चा तेल आयात करने को लेकर लगाया गया था, जिसे ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन युद्ध की फंडिंग से जोड़ा था. हालांकि इसी महीने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते के बाद भारत पर टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है.
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