अमेरिका जाने की चाह रखने वालों को झटका! ट्रंप ने H-1B वीजा पर पाबंदियां बढ़ाईं, 1 लाख डॉलर का नियम भी जारी रहेगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा पर विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने वाले नियोक्ताओं पर लगने वाली 1,00,000 अमेरिकी डॉलर की फीस को एक साल के लिए बढ़ा दिया है. ट्रंप के मुताबिक, 2025 में फीस लागू होने के बाद बड़ी IT आउटसोर्सिंग कंपनियों के H-1B रजिस्ट्रेशन में 92 फीसदी की गिरावट आई.

Advertisement
H-1B Visa पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला. H-1B Visa पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:15 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा पर विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने वाले नियोक्ताओं पर लगने वाली 1,00,000 अमेरिकी डॉलर की फीस को एक साल के लिए बढ़ा दिया है. व्हाइट हाउस ने यह जानकारी दी. यह फीस पहली बार 2025 में लगाई गई थी और इसी महीने इसकी अवधि खत्म होने वाली थी.

शुक्रवार को जारी राष्ट्रपति की घोषणा में ट्रंप ने कहा कि 2025 के इस फैसले के बाद बड़ी IT आउटसोर्सिंग कंपनियों की ओर से H-1B रजिस्ट्रेशन में 92 फीसदी की गिरावट आई है. H-1B वीजा कार्यक्रम के सबसे बड़े लाभार्थी समूह में भारतीय अब भी सबसे आगे हैं.

Advertisement

ट्रंप ने कहा, '2025 की घोषणा का विस्तार अमेरिका के आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा करना जारी रखेगा, अमेरिकी कर्मचारियों और ग्रेजुएट्स के लिए श्रम बाजार तक पहुंच में सुधार करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि नियोक्ता जरूरत पड़ने पर कार्यक्रम के मूल उद्देश्य के अनुरूप केवल सबसे अधिक कुशल और जरूरी विदेशी कर्मचारियों की भर्ती करें.'

फैसले को अदालत में चुनौती दी गई

2025 में H-1B वीजा पर 1,00,000 अमेरिकी डॉलर की फीस लगाने के फैसले को अदालत में चुनौती दी गई है और यह मामला दो अलग-अलग फ्रेडल अदालतों में लंबित है. 2025 में फीस बढ़ाने वाला आदेश इसी महीने खत्म होने वाला था. यह उन विदेशी नागरिकों को दिए गए वीजा पर लागू नहीं था, जो पहले से अमेरिका में छात्र वीजा पर मौजूद थे और नए H-1B प्राप्त करने वालों में उनकी बड़ी हिस्सेदारी है. यह मौजूदा वीजा के नवीनीकरण पर भी लागू नहीं था.

Advertisement

आदेश में श्रम मंत्री के लिए 30 दिनों की समय सीमा भी तय की गई है. श्रम मंत्री, Wage and Hour Division के जरिए पहले जमा किए गए Labour Condition Applications के आंकड़ों की समीक्षा शुरू करेंगे. इस समीक्षा से यह तय किया जाएगा कि प्रायोजक नियोक्ताओं के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई जरूरी है या नहीं.

जांच को सख्त करने के लिए एक अलग घोषणा

ट्रंप ने H-1B वीजा आवेदनों की जांच को सख्त करने के लिए एक अलग घोषणा भी जारी की है. व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट में कहा गया है, 'यह आदेश अंतर-एजेंसी समन्वय में सुधार करके और उन H-1B वीजा आवेदनों की सख्त जांच का निर्देश देकर कार्यक्रम की अखंडता को मजबूत करता है, जहां अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने का जोखिम अधिक है.'

इसमें कहा गया है कि विदेश मंत्री, श्रम मंत्री और होमलैंड सिक्योरिटी मंत्री को H-1B वीजा आवेदनों पर विचार करते समय याचिकाकर्ता नियोक्ताओं द्वारा हाल में की गई या प्रस्तावित छंटनी को ध्यान में रखने का निर्देश दिया गया है, खासकर उन अमेरिकी कर्मचारियों की जो समान पदों पर हैं.

पवन खेड़ा ने साधा निशाना

पवन खेड़ा ने ट्रंप के H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर की फीस को अगले 12 महीने तक बढ़ाने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि इस फैसले का भारतीय IT और टेक प्रोफेशनल्स के साथ-साथ अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय छात्रों पर भी असर पड़ेगा. खेड़ा ने दावा किया कि इससे भारतीय छात्रों के लिए अमेरिकी वर्कफोर्स में प्रवेश मुश्किल होगा, छोटी कंपनियां स्पॉन्सरशिप से बच सकती हैं और ज्यादा प्रोफेशनल्स UK, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया का रुख कर सकते हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ट्रंप को खुश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »