सीरिया में तुर्की और इजरायल के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. तुर्की की सीरिया में सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की कोशिशों के बीच इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह अपने एयर ऑपरेशन को किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने देगा. हालांकि, इस बढ़ते तनाव के बीच दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे बातचीत भी चल रही है, ताकि मामला सीधे सैन्य टकराव तक न पहुंचे.
इजरायल के सरकारी ब्रॉडकास्टर कान की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच 'सीक्रेट चैनल' खुले हुए हैं. इनके जरिए दोनों पक्ष एक-दूसरे को संदेश पहुंचा रहे हैं. सीरिया में किसी भी तरह की सीधी भिड़ंत को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. एक इजरायली सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि इजरायल का तुर्की को दुश्मन बनाने का कोई इरादा नहीं है.
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हालांकि, अधिकारी ने साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर बातचीत से बात नहीं बनी तो इजरायल कार्रवाई करने को मजबूर होगा. इसी तनाव के बीच पिछले हफ्ते इजरायली लड़ाकू विमानों ने उत्तरी सीरिया के इदलिब प्रांत में अबू अल-दुहूर सैन्य एयरबेस पर हमला किया था.
तुर्की को सीरिया में हथियार भेजने से रोकने के लिए एयरस्ट्राइक
इजरायल को जानकारी मिली थी कि तुर्की इस एयरबेस पर अपने सैन्य उपकरण पहुंचाने की तैयारी कर रहा है. इसमें रडार और एयर डिफेंस सिस्टम के अलावा ड्रोन और मिसाइलों की तैनाती की आशंका जताई गई थी. इजरायल ने कथित तौर पर तुर्की का सैन्य सामान एयरबेस तक पहुंचने से पहले ही वहां मौजूद इमारतों और रनवे को निशाना बनाया.
सीरिया में तुर्की की सैन्य तैनाती इजरायल के लिए इसलिए चिंता की वजह है क्योंकि इससे इजरायली एयरफोर्स की कार्रवाई प्रभावित हो सकती है. इजरायल ने एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और मिसाइलों की तैनाती को अपनी 'रेड लाइन' बताया है.
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सीरिया में तुर्की के सैन्य अड्डे स्वीकार्य नहीं- इजरायल
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी कहा है कि उनका देश तुर्की के साथ तनाव बढ़ाना नहीं चाहता. उन्होंने कहा कि इजरायल सीरिया में मौजूदा स्थिति को बनाए रखना चाहता है, लेकिन सीरिया में तुर्की के सैन्य अड्डे स्वीकार नहीं किए जाएंगे.
यानी एक तरफ सीरिया में इजरायल और तुर्की की सेनाएं आमने-सामने आने की स्थिति में हैं, तो दूसरी तरफ दोनों के बीच बैकडोर बातचीत जारी है. दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्ते अभी भी कायम हैं, लेकिन 2023 के आखिर से उच्चस्तरीय बातचीत लगभग बंद है. ऐसे में सीरिया में बढ़ता यह तनाव आने वाले दिनों में दोनों देशों के रिश्तों की बड़ी परीक्षा बन सकता है.
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