श्रीलंका में भयावह हालात, खाने और दवाइयों के बदले सेक्स के लिए मजबूर महिलाएं

पिछले कुछ महीनों में श्रीलंका में वेश्यावृत्ति का काम तेजी से बढ़ा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, सेक्स इंडस्ट्री से जुड़ी ज्यादातर महिलाएं कपड़ा उद्योग से आ रही हैं. जनवरी तक यहां काम था लेकिन उसके बाद देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था की वजह से उन्हें इस धंधे में आना पड़ा. इन महिलाओं को क्लाइंट्स के आग्रह पर असुरक्षित यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता है.

Advertisement
श्रीलंका में वेश्यावृत्ति तेजी से बढ़ रही है (प्रतीकात्मक तस्वीर) श्रीलंका में वेश्यावृत्ति तेजी से बढ़ रही है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 11:18 AM IST
  • श्रीलंका में बदतर हुए आर्थिक हालात
  • वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर महिलाएं

श्रीलंका में आर्थिक हालात दिन ब दिन खराब होते जा रहे हैं. लोगों को अपना घर तक चलाना मुश्किल हो रहा है. यहां तक कि खाने और दवाइयों तक के लाले पड़ गए हैं. इसके चलते पिछले कुछ दिनो में यहां वेश्यावृत्ति तेजी से बढ़ी है. पेट पालने के लिए यहां कई महिलाएं सेक्स वर्कर बनने को मजबूर हैं. आयुर्वेदिक स्पा सेंटर की आड़ में यहां धड़ल्ले से सेक्स वर्क का काम चल रहा है. इन स्पा सेंटर में पर्दे और क्लाइंट्स के लिए बेड लगाकर इन्हें अस्थायी वेश्यालय का रूप दिया जा रहा है.

Advertisement

रिपोर्ट्स के अनुसार, सेक्स इंडस्ट्री से जुड़ी ज्यादातर महिलाएं कपड़ा उद्योग से आ रही हैं. जनवरी तक यहां काम था लेकिन उसके बाद देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था की वजह से उन्हें इस धंधे में आना पड़ा.

श्रीलंका के डेली न्यूजपेपर द मॉर्निंग के अनुसार, कपड़ा उद्योग में कार्यरत महिलाएं नौकरी जाने के डर और देश की खराब अर्थव्यवस्था के चलते वैकल्पिक रोजगार के रूप में वेश्यावृत्ति की ओर बढ़ रही हैं. इसकी वजह से टेक्सटाइल सेक्टर बदतर हो रहा है. एक सेक्स वर्कर ने अखबार को बताया, 'हमने सुना है कि देश में आर्थिक संकट के कारण हम अपनी नौकरी खो सकते हैं और इस समय हम जो सबसे अच्छा विकल्प देख रहे हैं वो है सेक्स वर्क.' 

महिला ने कहा, 'पहले काम में हमारा मासिक वेतन लगभग 28,000 रुपये था और ओवरटाइम के साथ हम अधिकतम 35,000 रुपये कमा सकते थे लेकिन सेक्स वर्क में शामिल होकर हम हर दिन 15,000 रुपये से ज्यादा कमा लेते हैं. हर कोई मेरी बात से सहमत नहीं होगा, लेकिन यह सच है.' UK के द टेलीग्राफ ने भी अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि इस साल जनवरी से कोलंबो में सेक्स वर्क में शामिल होने वाली महिलाओं की संख्या में 30 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है.

Advertisement

रिपोर्ट के अनुसार, ये महिलाएं कोलंबो के भीतरी इलाकों से आती हैं जो पहले कपड़ा उद्योग में काम करती थीं. इन रिपोर्ट्स ने श्रीलंका में यौनकर्मियों की वकालत करने वाले समूह स्टैंड अप मूवमेंट लंका (SUML) का हवाला दिया गया है. रिपोर्ट में SUML की कार्यकारी निदेशक आशिला डांडेनिया का हवाला देते हुए कहा गया है कि ये महिलाएं अपने बच्चों, माता-पिता और भाई-बहनों का भार उठाती हैं. सेक्स वर्क 'श्रीलंका में बहुत कम बचे हुए व्यवसायों में से एक है जो बहुत जल्दी ढेर सारी कमाई कराता है.'

देह व्यापार बढ़ने की कई वजहें हैं जिसमें सबसे प्रमुख महंगाई है. इस संकटग्रस्त देश में ईंधन, भोजन और दवाओं की कमी ने महिलाओं के लिए स्थिति को और भी निराशाजनक बना दिया है. कई रिपोर्ट्स से यह भी पता चलता है कि खाने और दवाइयों जैसी जरूरी चीजों के लिए महिलाएं बदले में स्थानीय दुकानदारों के साथ सेक्स करने को मजबूर हैं. कथित तौर पर कोलंबो के भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के पास औद्योगिक क्षेत्र में इस देह व्यापार को बढ़ाया जा रहा है. इस सुरक्षा के एवज में वेश्यालय चलाने वाली मालकिन मजबूर महिलाओं को पुलिस कर्मियों के साथ सोने के लिए मजबूर करती हैं.

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इन असहाय महिलाओं को क्लाइंट्स के आग्रह पर असुरक्षित यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता है. इतना ही नहीं इन महिलाओं को अक्सर ग्राहकों के दुर्व्यवहार और मार-पीट का भी सामना करना पड़ता है.

Advertisement

 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »