विदेश मंत्री एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क में यूरोपियन यूनियन के अपने समकक्षों के साथ मुलाकात की. इस दौरान भारत-EU सहयोग, बहुपक्षीय मुद्दों और दुनिया में चल रहे अहम घटनाक्रमों पर चर्चा हुई. जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने न्यूयॉर्क में अपने यूरोपियन यूनियन के सहयोगियों से मुलाकात की और कई अहम मुद्दों पर बातचीत की. इस दौरान '4-F' को लेकर चर्चा हुई.
बैठक में खाड़ी क्षेत्र, यूक्रेन और हिंद-प्रशांत से जुड़े हालात पर भी चर्चा हुई. इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र के कुछ विदेश मंत्री भी मौजूद थे. इनमें ऑस्ट्रेलिया की पेनी वोंग और दक्षिण कोरिया के चो ह्यून शामिल थे.
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बहुपक्षीय सहयोग पर जयशंकर ने दिया जोर
इससे पहले जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र में ‘पार्टनर्स फॉर मल्टीलैटरलिज्म, इंटरनेशनल लॉ, पीस एंड प्रॉस्पेरिटी’ यानी P4M समिट में हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और जंग के कारण ग्लोबल ऑर्डर दबाव में है.
जयशंकर ने कहा कि जहां चोक पॉइंट, किसी एक देश के दबदबे और सप्लाई में रुकावट का खतरा हो, वहां जोखिम कम करने और सप्लाई के विकल्प बढ़ाने की कोशिश होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि समान लक्ष्य रखने वाले देशों को खतरों के खिलाफ मिलकर काम करने का भरोसा रखना चाहिए.
दुनिया 4F का कर रही सामना- जयशंकर
जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय कानून, नियमों और मानकों का पालन करने पर भी जोर दिया. जयशंकर के मुताबिक, दुनिया इस समय ईंधन, भोजन, खाद, और वित्त से जुड़ी ‘4F’ यानी फ्यूल, फूड, फर्टिलाइजर और फाइनेंस चुनौतियों का सामना कर रही है. ऐसे में बहुपक्षीय सहयोग और मजबूत नियमों की जरूरत है.
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P4M समिट की सह-अध्यक्षता जयशंकर ने यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ की. उन्होंने कहा कि शांति, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, क्लाइमेट एक्शन, नई तकनीक, विकास के लिए वित्त, आतंकवाद से मुकाबला और सप्लाई चेन को मजबूत करने जैसे मुद्दों के लिए देशों के बीच सहयोग जरूरी है.
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