रूस ने यूक्रेन पर मारे खतरनाक ग्लाइड बम, 15 लोगों की मौत

अमेरिका को डीजल बेचने का डील करते ही रूस ने यूक्रेन के जेपोरिजिया इलाके में भीषण हमला किया है, इस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई. इस हमले में कम से कम 16 लोग घायल हो गए.

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रूस ने ग्लाइड बम से यूक्रेन पर हमला किया है. (File Photo: Reuters) रूस ने ग्लाइड बम से यूक्रेन पर हमला किया है. (File Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:57 PM IST

रूस ने यूक्रेन पर भीषण हमला किया है. इस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई. रूस ने ये हमला यूक्रेन के जेपोरिजिया इलाके में किया है. ये हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी डीज़ल खरीदने के समझौते की घोषणा के एक दिन बाद हुआ. यूक्रेन ने आगाह किया था कि इससे यूक्रेन में मॉस्को की जंग को फंड करने में मदद मिलेगी. 

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क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख मिखाइलो सेमिकिन ने शनिवार को बताया कि जेपोरिजिया में रिहायशी इमारतों पर रूसी हवाई बम गिरने से मारे गए 11 लोगों में तीन बच्चे भी शामिल थे. इलाके की रक्षा परिषद के सह-अध्यक्ष इवान फेडोरोव के अनुसार, हमले में कम से कम 16 लोग घायल हुए. 

राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और इमरजेंसी सर्विस ने बताया है कि रूस ने यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया शहर पर पांच ग्लाइड बमों से हमला किया, जिसमें तीन बच्चों समेत कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई. 

ये ग्लाइड बम दक्षिण-पूर्वी शहर की रिहायशी इमारतों पर गिरे. शनिवार सुबह हुए इस हमले में कम से कम 16 अन्य लोग घायल हो गए, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं और आशंका है कि वे मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं. ज़ेलेंस्की ने कहा कि रात भर में 13 अन्य इलाकों पर भी हमले हुए

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रूस और यूक्रेन के बीच लंबी दूरी की हवाई जंग चल रही है, जबकि मोर्चे पर दोनों सेनाएं लगभग गतिरोध की स्थिति में हैं. दोनों देशों के बीच लड़ाई शुरू हुए 5 साल से ज़्यादा समय बीत चुका है. यूक्रेन रूस की बढ़ती बमबारी का मुकाबला करने के लिए संघर्ष कर रहा है, जिसमें पिछले चार दिनों में 60 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. 

ये ताज़ा हमले उस घटना के एक दिन बाद हुए जब ट्रंप ने कहा कि उन्होंने रूस से डीज़ल लेने का समझौता किया है. यह यूक्रेन के साथ युद्ध को लेकर मॉस्को पर सालों से चले आ रहे अमेरिकी दबाव के बिल्कुल उलट है और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ईंधन की ऊंची कीमतों से निपटने की एक कोशिश है. 

ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फ़ोन पर बातचीत में यह समझौता किया. इस बातचीत में रूस में प्लेग के एक संदिग्ध मामले पर चर्चा होने की उम्मीद थी.

इसके बजाय ट्रंप ने घोषणा की कि रूस तुरंत 300000 टन से ज़्यादा डीज़ल की आपूर्ति करेगा, इसके बाद नवंबर में अतिरिक्त 500000 टन और "उसके तुरंत बाद" 1 मिलियन टन डीज़ल देगा. उन्होंने लिखा कि रूस उसके बाद "कम समय में" अतिरिक्त 3 मिलियन टन डीज़ल की आपूर्ति करेगा.

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ट्रंप की चौंकाने वाली घोषणा उनकी पिछली घोषणाओं से बिल्कुल अलग है. ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन कई बार भारत पर भी रूसी जंग के फंडिंग की आरोप लगाते हैं, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस से कच्चा तेल खरीदता है. 

इस समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑनलाइन एक लंबी पोस्ट में, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस इसका बदला "और ज़्यादा आतंक और धोखे" से चुकाएगा. उन्होंने इसे युद्ध में एक निवेश के रूप में देखा जिससे युद्ध को लंबा खींचा जा सकेगा. 

वाशिंगटन में यूक्रेनी दूतावास द्वारा जारी एक बयान के अनुसार जेलेंस्की ने इसे 'एक कमजोर फैसला, दुर्भाग्य से मज़बूत सहयोगियों द्वारा लिया गया एक कमजोर फैसला" कहा. 

ट्रंप ने इस समझौते की घोषणा तब की जब उनके दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर मियामी में यूक्रेनी अधिकारियों के साथ युद्ध खत्म करने के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे थे. ज़ेलेंस्की ने कहा, "मुझे लगता है कि हमारी टीम का इस्तेमाल सिर्फ़ ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है. और यह बिल्कुल भी सही नहीं है. पार्टनर्स को एक-दूसरे के साथ ऐसा बर्ताव नहीं करना चाहिए." 

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