रूस ने ब्लैक सी में चार कार्गो पर हमला किया है. रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने काला सागर में यूक्रेनी बंदरगाह चोर्नोमोर्स्क (ओडेसा क्षेत्र) में चार जहाजों पर हमला किया. मंत्रालय के अनुसार, 'गेरान ड्रोनों ने तीन बल्क कैरियर और एक फेरी को निशाना बनाया. रूसी पक्ष का कहना है कि ये जहाज यूक्रेनी सशस्त्र बलों के लिए सैन्य सामान पहुंचाने में इस्तेमाल हो रहे थे. रक्षा मंत्रालय ने हमलों के वीडियो भी जारी किए और इसे पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और दुश्मन के हित में इस्तेमाल हो रहे पोतों पर वैध कार्रवाई बताया.
दूसरी ओर यूक्रेनी मीडिया और अधिकारियों ने इसी अवधि में रूसी ड्रोन हमलों की अलग तस्वीर पेश की. यूक्रेनी सी पोर्ट्स अथॉरिटी और ओडेसा क्षेत्रीय प्रशासन प्रमुख ओलेग किपर के अनुसार 17 सितंबर को तंजानिया झंडे वाला एक नागरिक जहाज जो यूक्रेनी बंदरगाह की ओर जा रहा था, रूसी ड्रोन हमले का शिकार बना. इस हमले में कैप्टन की मौत हो गई और तीन चालक दल के सदस्य घायल हुए. एजेंसियां इस जांच की स्थिति की जांच कर रही है.
यूक्रेनी अधिकारियों ने इसे नागरिक शिपिंग और अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन पर जानबूझकर हमला करार दिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कड़ी प्रतिक्रिया की मांग की. उन्होंने कहा कि रूस बार-बार बंदरगाहों, पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक व्यापारिक जहाजों पर हमला कर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन कर रहा है.
गौरतलब है कि ये चार जहाज मुख्य रूप से बल्क कैरियर और फेरी बताए गए हैं, न कि तेल टैंकर. काला सागर में दोनों पक्ष पिछले कई महीनों से एक-दूसरे के शिपिंग नेटवर्क पर हमले करते रहे हैं. रूस सैन्य लॉजिस्टिक्स को निशाना बताता है, जबकि यूक्रेन इसे नागरिक जहाजों और वैश्विक व्यापार मार्गों पर हमला मानता है. दोनों पक्षों के दावों का स्वतंत्र सत्यापन नहीं हो पा रहा है. तुर्की सहित कई देश काला सागर में नागरिक जहाजों पर हमलों को रोकने के लिए समझौते की कोशिशें कर रहे हैं.
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