'प्रदर्शनकारी भी भारत की तरह हमारे दुश्मन', PoK में 14 एक्टिविस्टों की मौत पर PAK रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का विवादित बयान

पीओके में कई हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच ताजा हिंसा के बाद तनाव और बढ़ गया है. कई रिपोर्टों के मुताबिक, 5 जून से शुरू हुए प्रदर्शनों और उसके बाद हुई सैन्य कार्रवाई में 80 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने विवादित बयान दिया है.

Advertisement
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान की आलोचना हो रही है (File Photo: PTI) पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान की आलोचना हो रही है (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 6:03 AM IST

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई का बचाव करते हुए विवादित बयान दिया है. आसिफ ने कहा कि वह इस्लामाबाद के खिलाफ सड़कों पर उतरने वाले प्रदर्शनकारियों को भारत के समान दुश्मन मानते हैं. उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत की संभावना को भी खारिज करते हुए उन्हें पाकिस्तान का दुश्मन बताया.

Advertisement

इस बीच एक स्थानीय टीवी चैनल से बातचीत में ख्वाजा आसिफ ने कहा, 'मैं प्रदर्शनकारियों को भारत के समान श्रेणी में रखता हूं और उन्हें भी भारत की तरह दुश्मन मानता हूं.' उनका यह बयान पीओके में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है. हाल ही में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में निकाले गए विरोध मार्च पर कथित तौर पर गोलीबारी की थी, जिसमें कम से कम 14 कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी.

प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी का आरोप

मंगलवार को हजारों JAAC समर्थक रावलकोट से मुजफ्फराबाद की ओर मार्च कर रहे थे. प्रदर्शनकारी पीओके की विधानसभा में कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को खत्म करने की मांग कर रहे थे. JAAC का कहना है कि इन सीटों की व्यवस्था पीओके के स्थानीय निवासियों के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करती है और इस क्षेत्र में सरकार बनाने में इस्लामाबाद स्थित राजनीतिक दलों को प्रभाव डालने का मौका देती है.

Advertisement

प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, करीब 5,000 लोग शांतिपूर्ण मार्च में शामिल थे, तभी सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर गोलीबारी शुरू कर दी. JAAC ने दावा किया कि इसमें कम से कम 14 कार्यकर्ताओं की मौत हुई और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए. मृतकों में JAAC के संस्थापक सदस्य उमर नजीर के छोटे भाई उस्मान नजीर भी शामिल थे. संगठन ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ "बिना उकसावे के गोलीबारी" करने का आरोप लगाया.

हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि प्रदर्शनकारियों के पास आधुनिक हथियार थे और उन्होंने सुरक्षा बलों को निशाना बनाया, जिसके बाद कार्रवाई की गई. दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.

कई हफ्तों से जारी है विरोध प्रदर्शन

बता दें कि पीओके में कई हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच ताजा हिंसा के बाद तनाव और बढ़ गया है. कई रिपोर्टों के मुताबिक, 5 जून से शुरू हुए प्रदर्शनों और उसके बाद हुई सैन्य कार्रवाई में 80 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. इससे पहले करीब 40 लोगों के मारे जाने की खबर थी, जिनमें 34 प्रदर्शनकारी और छह सुरक्षा कर्मी शामिल थे.

भारत ने चुनाव को बताया दिखावटी कवायद

Advertisement

पीओके में कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब पाकिस्तान ने क्षेत्र में तथाकथित विधानसभा चुनाव के पहले चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई. कई इलाकों में झड़पें हुईं और कथित तौर पर मतपेटियां लूटे जाने की घटनाएं भी सामने आईं. विपक्ष ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं.

भारत ने इन चुनावों को पाकिस्तान के अवैध कब्जे को वैध ठहराने की कोशिश करार दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि यह दिखावटी चुनावी कवायद पाकिस्तान के अवैध कब्जे और क्षेत्र में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को छिपाने की कोशिश है.

जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र भी शामिल हैं, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि पीओके में जारी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान के आर्थिक शोषण, लोगों के मौलिक अधिकारों से वंचित किए जाने और प्रशासनिक दमन का सीधा परिणाम हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »