पाकिस्तान ने कोहिनूर हीरे पर जताया हक, कहा- लाहौर म्यूजियम का हिस्सा

हुसैन ने कहा कि जलियांवाला बाग हत्याकांड और बंगाल के आकाल पर ब्रिटेन को मांफी मांगनी चाहिए. पाकिस्तानी मंत्री फवाद हुसैन ने कहा, 'जलियांवाला नरसंहार कांड और बंगाल के अकाल पर ब्रिटेन की सरकार को भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश से माफी मांगनी चाहिए.

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फवाद हुसैन (बाएं) (तस्वीर- ट्विटर) फवाद हुसैन (बाएं) (तस्वीर- ट्विटर)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 6:34 PM IST

अमृतसर के जलियांवाला बाग हत्याकांड को लेकर पाकिस्तान ने ब्रिटेन पर हमला बोला है. इमरान खान की कैबिनेट के मंत्री फवाद हुसैन ने कहा है कि ब्रिटेन को अपने करतूतों के लिए मांफी मांगनी चाहिए.

हुसैन ने कहा कि जलियांवाला बाग हत्याकांड और बंगाल के आकाल पर ब्रिटेन को मांफी मांगनी चाहिए. पाकिस्तानी मंत्री फवाद हुसैन ने कहा, 'जलियांवाला नरसंहार कांड और बंगाल के अकाल पर ब्रिटेन की सरकार को भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश से माफी मांगनी चाहिए. हम इस मांग का पूरा समर्थन करते हैं. यह त्रासदी ब्रिटेन के चेहरे पर दाग हैं.'

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हुसैन ने अपने ट्वीट में कोहिनूर को वापस लौटाने की भी मांग की. फवाद हुसैन ने कहा, 'कोहिनूर को भी पाकिस्तान के लाहौर स्थित संग्रहालय में वापस करना चाहिए, जहां का वो है.'

बता दें कि उनके इस ट्वीट से एक दिन पहले यानी बुधवार को ब्रिटेन प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने जलियांवाला बाग हत्याकांड की 100वीं बरसी के  मौके पर खेद जताया था. उन्होंने इस हत्याकांड को ब्रिटेन की इतिहास में 'शर्मसार करने वाला धब्बा' करार दिया. हालांकि, उन्होंने इस हत्याकांड पर माफी नहीं मांगी थी.

थेरेसा मे ने कहा, '1919 के जलियांवाला बाग नरसंहार की घटना ब्रिटिश भारतीय इतिहास पर शर्मसार करने वाला धब्बा है. जैसा कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने 1997 में जलियांवाला बाग जाने से पहले कहा था कि यह भारत के साथ हमारे अतीत के इतिहास का दुखद उदाहरण है.'

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उन्होंने कहा, 'जो कुछ हुआ और लोगों को वेदना झेलनी पड़ी, उसके लिए हमें गहरा खेद है. मैं खुश हूं कि आज ब्रिटेन-भारत के संबंध साझेदारी, सहयोग, समृद्धि और सुरक्षा के हैं. भारतवंशी समुदाय ब्रिटिश समाज में बहुत योगदान दे रहा है और मुझे विश्वास है कि पूरा सदन चाहेगा कि ब्रिटेन के भारत के साथ संबंध बढ़ते रहें.'

विपक्षी लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने मांग की कि नरसंहार में मारे गए लोग उस घटना के लिए पूरी तरह स्पष्ट माफी के हकदार हैं. जलियांवाला बाग नरसंहार अमृतसर में 1919 में अप्रैल माह में बैसाखी के दिन हुआ था.

ब्रिटेन के खेद जताने और माफी नहीं मांगने के बाद पाकिस्तान ने माफी की मांग कर इस मसले पर अपना रुख साफ कर दिया है.

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