अमेरिका को खुश करने तेहरान पहुंचे आसिम मुनीर! फिर शांतिदूत बनने का नया ढोंग

पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर ईरानी अधिकारियों से बातचीत के लिए तेहरान पहुंचे हैं. उनके साथ गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी हैं. दौरे का उद्देश्य क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना और मध्य पूर्व के संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों को आगे बढ़ाना है.

Advertisement
आसिम मुनीर मिडिल-ईस्ट के मौजूदा हालातों पर चर्चा करेंगे. (File Photo- ITG) आसिम मुनीर मिडिल-ईस्ट के मौजूदा हालातों पर चर्चा करेंगे. (File Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:26 PM IST

पाकिस्तान के सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ईरानी अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत के लिए तेहरान पहुंचे. पाकिस्तान सेना के एक बयान के अनुसार, सेना प्रमुख के साथ गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी हैं. यह दौरा क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के पाकिस्तान के प्रयासों के तहत किया जा रहा है.

Advertisement

पाकिस्तान सेना ने कहा, 'फील्ड मार्शल मध्य पूर्व में संघर्ष के शांतिपूर्ण, स्थायी और व्यापक समाधान की दिशा में प्रयासों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करेंगे.' रविवार को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा था कि इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने के पाकिस्तान के प्रयासों को जारी रखना है.

पाकिस्तान शांति के लिए प्रयासों और रुकी हुई अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में मध्यस्थता के प्रयासों को फिर से शुरू करने की दिशा में आगे रहा है. अप्रैल में पाकिस्तान ने संघर्ष विराम कराने में सफलता हासिल की थी, जिसके बाद अमेरिका-ईरान संघर्ष को खत्म करने के लिए एक समझौता हुआ था. हालांकि, बाद में शांति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी और इसे फिर से पटरी पर नहीं लाया जा सका.

Advertisement

नहीं निकला था कोई नतीजा

यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे. इसके जवाब में ईरान ने भी हमले किए, जिससे महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही प्रभावित हुई और पेट्रोलियम की कीमतों में बढ़ोतरी हुई. पाकिस्तान की गारंटी वाले एक अंतरिम शांति समझौते के पिछले महीने पटरी से उतरने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया. अमेरिका और ईरान ने फिर से सैन्य हमले शुरू कर दिए. पाकिस्तान की बातचीत फिर से शुरू कराने की कोशिशों का अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है.

गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इस महीने की शुरुआत में तेहरान में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बातचीत की थी. मुख्य विवाद का मुद्दा होर्मुज जलडमरूमध्य है, जहां युद्ध के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है. सामान्य परिस्थितियों में दुनिया की कुल ऊर्जा आपूर्ति का करीब पांचवां हिस्सा इस खाड़ी के महत्वपूर्ण मार्ग से गुजरता था.

ईरान की चेतावनी

ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने रविवार को समझौता ज्ञापन (MoU) का बचाव करते हुए इसे देश को उस स्थिति से बाहर निकालने का सबसे अच्छा तरीका बताया, जिसे उन्होंने “न युद्ध, न शांति” की स्थिति बताया. वहीं, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहसेन रेजाई ने पड़ोसी देशों को ईरान की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के नए अमेरिकी प्रयास में शामिल होने के खिलाफ चेतावनी दी. 20 अगस्त को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अगर तेहरान समझौता करने में विफल रहता है तो वह ईरान के खिलाफ उनके शब्दों में “सबसे विनाशकारी आर्थिक अभियान” चलाएंगे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »