नेपाल में बाढ़ के बाद चिलीमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों की तलाश के दौरान पांच लोगों के शव बरामद किए गए हैं. भारत और नेपाल की संयुक्त बचाव टीम कई दिनों तक सुरंग में जमा कीचड़ और मलबा हटाने के बाद बुधवार को पावरहाउस तक पहुंच सकी. हालांकि वहां कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं मिला.
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कई दिनों तक चले अभियान के बाद भारतीय और नेपाली टीमें बुधवार सुबह पावरहाउस तक पहुंचीं.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि दुर्भाग्य से बचाव दल को कोई जीवित व्यक्ति नहीं मिला. पांच लोगों के शव बाहर निकाले गए हैं.
26 अगस्त को आई थी विनाशकारी बाढ़
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को बर्फ और चट्टानों के खिसकने से अचानक बाढ़ आई थी. इस फ्लैश फ्लड ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई थी.
हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में बाढ़ का पानी तेजी से नीचे की तरफ बढ़ा था. इसकी चपेट में आने से घर और वाहन बह गए, जबकि कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए. बाढ़ से इलाके में मौजूद हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भी भारी नुकसान पहुंचा.
चिलीमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में बाढ़ के बाद छह कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका जताई गई थी. इसके बाद उन्हें निकालने के लिए बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया.
मलबे पर सड़क बनाकर सुरंग तक पहुंचीं टीमें
अधिकारियों के मुताबिक, सुरंग और भूमिगत पावरहाउस तक पहुंचना बचाव टीमों के लिए बड़ी चुनौती थी. अभियान के दौरान मलबे के ऊपर और नदी के बीच से अस्थायी सड़क तैयार करनी पड़ी. इसके बाद सुरंग तक पहुंचने के लिए भारी मात्रा में जमा कीचड़ और मलबा हटाया गया.
रास्ते में विशाल चट्टानें और लगातार रिसता पानी भी बचाव अभियान में बाधा बना. आखिर में टीमों को डीप डाइविंग ऑपरेशन भी करना पड़ा.
इस अभियान में भारतीय सेना और नेपाली सेना की टीमें शामिल थीं. दुर्गम इलाके और मुश्किल परिस्थितियों के कारण ऑपरेशन में हेलिकॉप्टर की मदद भी ली गई.
कई दिनों की मशक्कत के बाद बुधवार को बचाव दल पावरहाउस तक पहुंचा, जहां पांच लोगों के शव मिले. पहले छह कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका जताई गई थी. ऐसे में शेष लापता व्यक्ति की तलाश को लेकर उपलब्ध जानकारी में तत्काल स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है.
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