श्रीलंका की एक हाईकोर्ट ने बुधवार को सांसद नमल राजपक्षे को एयरबस विमान खरीद से जुड़े रिश्वतखोरी के मामले में 19 नवंबर को पेश करने का आदेश दिया. पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. इस मामले में अटॉर्नी जनरल के विभाग ने नमल राजपक्षे और अन्य आरोपियों के खिलाफ 24 आरोपों वाली चार्जशीट दाखिल की है.
कोलंबो की तीन जजों वाली स्थायी हाईकोर्ट ट्रायल-एट-बार पीठ के सामने बुधवार को नमल राजपक्षे को पेश किया गया. इससे पहले कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें पेश करने का आदेश दिया था. अभियोजन पक्ष ने मामले में 59 गवाहों की सूची भी अदालत को सौंपी है.
10 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप
यह मामला श्रीलंकाई एयरलाइंस के लिए वाइड-बॉडी एयरबस विमानों की खरीद से जुड़ा है. आरोप है कि इस सौदे के सिलसिले में नमल राजपक्षे ने 10 करोड़ श्रीलंकाई रुपये की रिश्वत ली थी. मामले में मनी लॉन्ड्रिंग यानी अवैध धन को वैध बनाने के आरोप भी शामिल हैं. हालांकि, ये आरोप हैं और अदालत में इनकी सुनवाई होनी बाकी है.
नमल राजपक्षे को 4 सितंबर को श्रीलंका के रिश्वत और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने वाले आयोग (CIABOC) ने गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. अटॉर्नी जनरल के विभाग ने मंगलवार को मुख्य मजिस्ट्रेट कोर्ट को बताया था कि मामले को ट्रायल-एट-बार अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया है. इसके बाद आरोपपत्र संबंधित अदालत में दाखिल किया गया.
पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे हैं नमल
नमल राजपक्षे श्रीलंका पोदुजना पेरामुना पार्टी के सांसद हैं. वह श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बड़े बेटे हैं. राजपक्षे परिवार और उसके राजनीतिक सहयोगी पहले भी परिवार के सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं. वहीं, श्रीलंका की सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को अपने चुनावी जनादेश का हिस्सा बताया है.
बुधवार को अदालत में अभियोजन पक्ष के अधिकारियों के पेश होने के बाद नमल राजपक्षे के वकीलों ने जमानत के लिए आवेदन करने की मंशा जताई. फिलहाल मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर के लिए तय की गई है.
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