'परमाणु हथियार इजरायल में लेकिन जांच ईरान में...', UN में बोले राष्ट्रपति पेजेशकियान

UN महासभा में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने परमाणु निगरानी और प्रतिबंधों को लेकर पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि इजरायल की परमाणु क्षमताओं पर सवाल नहीं उठाए जाते, जबकि ईरान की परमाणु सुविधाओं की जांच की मांग की जाती है.

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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने UNGA को संबोधित किया. (Photo- FB/Screengrab) ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने UNGA को संबोधित किया. (Photo- FB/Screengrab)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:06 AM IST

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पश्चिम एशिया में परमाणु निगरानी और प्रतिबंधों को लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ परमाणु मुद्दे पर अलग व्यवहार किया जा रहा है, जबकि इजरायल की परमाणु क्षमताओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैसा दबाव नहीं दिखता.

पेजेशकियान ने कहा कि इजरायल के पास कथित तौर पर घोषित नहीं की गई परमाणु क्षमताएं हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA की तरफ से ईरान की परमाणु सुविधाओं तक पहुंच की मांग की जाती है. उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया.

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'ईरान ने कभी जंग शुरू नहीं की'

ईरानी राष्ट्रपति ने अपने देश की सैन्य और राजनीतिक नीति को आत्मरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि जब किसी देश पर युद्ध थोपा जाता है या उसकी संप्रभुता को खतरा होता है, तो उसका जवाब देना स्वाभाविक है. उन्होंने क्षेत्र में कब्जे और सैन्य हमलों के खिलाफ होने वाले प्रतिरोध को आतंकवाद कहे जाने पर भी सवाल उठाया.

पेजेशकियान ने कहा कि ईरान ने ऐतिहासिक रूप से युद्ध शुरू करने से परहेज किया है और बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाने की कोशिश की है. हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर किसी बाहरी ताकत की ओर से ईरान पर युद्ध थोपा जाता है या उसकी संप्रभुता को खतरा होता है, तो देश अपनी आखिरी सांस तक अपनी जमीन की रक्षा करेगा.

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पश्चिम एशिया में बाहरी दखल का विरोध

पेजेशकियान ने पश्चिम एशिया के मामलों में बाहरी सैन्य ताकतों के दखल का भी विरोध किया. उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का हल इलाके के देशों को मिलकर निकालना चाहिए. उनके मुताबिक, पश्चिम एशिया के देशों को किसी बाहरी ताकत का ऐसा साधन नहीं बनना चाहिए, जिसका इस्तेमाल पड़ोसी देशों को धमकाने के लिए हो. उन्होंने सामूहिक सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र के देश या तो मिलकर अपनी सुरक्षा बनाएंगे या फिर अस्थिरता का सामना सभी को करना पड़ेगा.

'प्रतिबंधों का असर आम लोगों पर पड़ता है'

ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों की ओर से लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिबंधों का सबसे ज्यादा असर आम और कमजोर लोगों पर पड़ता है और भू-राजनीतिक दबाव के लिए जनता की भलाई को नुकसान पहुंचाया जाता है.

अपने भाषण के अंत में पेजेशकियान ने कहा कि ईरान किसी विशेष अधिकार, परमाणु हथियार या अंतरराष्ट्रीय रियायत की मांग नहीं कर रहा है. उन्होंने समान अधिकार, आपसी भरोसे और अंतरराष्ट्रीय कानून के समान इस्तेमाल के आधार पर वैश्विक सहयोग की बात कही.

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