ईरान ने सोमवार को साफ कर दिया कि अमेरिका की शर्तें पूरी होने तक वह होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोलेगा. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि अब अमेरिका को अपने गैरकानूनी और विनाशकारी कदम रोकने और उनकी भरपाई करने की जरूरत है. उन्होंने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी का भी जिक्र किया.
ईरान की मांग है कि अमेरिका नाकाबंदी हटाए, कई महीनों के युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा दे, आर्थिक प्रतिबंध हटाए और ईरान की जब्त संपत्तियों को जारी करे. होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना युद्ध का सबसे लंबे समय तक चलने वाला असर बन गया है. सामान्य स्थिति में दुनिया के करीब पांचवें हिस्से तेल इसी रास्ते से गुजरता है. इसके चलते एनर्जी की कीमतें अमेरिका की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बनी हुई हैं, खासकर नवंबर में होने वाले मिड टर्म चुनावों से पहले.
ईरान ओमान के साथ भी स्ट्रेट से आवाजाही को लेकर अलग से बातचीत कर रहा है. इसमें कुछ समय के लिए जहाजों की आवाजाही के लिए एक सुरक्षित रास्ता बनाने की संभावना भी शामिल है. हालांकि, ईरान ने कहा है कि स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने का फैसला अमेरिका के साथ बातचीत पर निर्भर करेगा.
सभी शर्तें मानने तक नियंत्रण रखने की बात
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने रविवार को कहा कि ईरान की मौजूदा रणनीति तब तक होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण बनाए रखना है, जब तक उसका विरोधी उसकी सभी मांगें स्वीकार नहीं कर लेता और हार नहीं मान लेता. ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवक्ता ने कहा कि ईरान ने अपने विरोधी को पहले तय किए गए सभी लक्ष्यों को छोड़ने पर मजबूर कर दिया है और अब विरोधी पक्ष का ध्यान होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने पर है.
ईरान ने 28 फरवरी को स्ट्रेट पर अपना कंट्रोल बढ़ाया था. इसके तहत इजरायल और अमेरिका से जुड़े या उनके सहयोगी जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने पर रोक लगा दी गई थी. जून में ईरान और अमेरिका ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे. दोनों देशों को अंतिम समझौते के लिए 60 दिनों के भीतर बातचीत करनी थी, लेकिन क्षेत्र में बढ़े तनाव के कारण इन वार्ताओं का भविष्य अनिश्चित हो गया है. ईरान और ओमान पिछले कुछ हफ्तों से स्ट्रेट में समुद्री यातायात के लिए नए सुरक्षित मार्ग को लेकर बातचीत कर रहे हैं.
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