ओमान में वार्ता के बाद अमेरिका ने लगाए नए प्रतिबंध, ईरान बोला- भरोसे की कमी बड़ी चुनौती

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे न्यूक्लियर विवाद को सुलझाने के लिए ओमान के मस्कट में हुई बातचीत को ईरान ने सकारात्मक बताया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस बातचीत को अच्छी शुरुआत करार देते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने अपने विचार खुले तौर पर साझा किए हैं और वार्ता जारी रखने पर सहमति हुई है

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ईरान-US वार्ता को बताया गया अच्छी शुरुआत (Photo: AP) ईरान-US वार्ता को बताया गया अच्छी शुरुआत (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:36 PM IST

ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चले आ रहे न्यूक्लियर विवाद को सुलझाने की दिशा में ओमान के मस्कट में हुई बातचीत को ईरान ने सकारात्मक स्टेप बताया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस अप्रत्यक्ष वार्ता को एक अच्छी शुरुआत बताया है और दोनों पक्षों ने बातचीत को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है.

अराघची ने ईरानी सरकारी टीवी से बातचीत के दौरान कहा कि मस्कट में हुए इस दौर में दोनों पक्षों ने अपने विचार खुले तौर पर साझा किए. उन्होंने यह भी साफ किया कि आगे की बातचीत इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों देशों के नेगोशिएटर अपनी-अपनी राजधानियों में सलाह-मशविरा कर किस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं. इस बातचीत का आयोजन ओमान की मध्यस्थता में हुआ, जहां दोनों पक्षों ने सीधे संवाद करने के बजाय अप्रत्यक्ष रूप से अपने संदेश साझा किए.

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अराघची ने भरोसे की कमी को इस प्रोसेस की सबसे बड़ी चुनौती बताया और कहा कि बिना विश्वास के ठोस परिणाम प्राप्त करना कठिन होगा. अमेरिका की ओर से संकेत मिले हैं कि वह बातचीत को केवल न्यूक्लियर कार्यक्रम तक सीमित रखना नहीं चाहता, बल्कि ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम, क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को समर्थन और देश के अंदर ह्यूमन राइट्स स्थिति जैसे मुद्दों पर भी चर्चा चाहता है.

अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बदर अलबुसैदी के साथ ओमान में (Photo: Reuters)

यह भी पढ़ें: US से तनाव के बीच चाबहार पोर्ट पर लगेगा ब्रेक? दिल्ला में ईरानी राजदूत ने बताया आगे का एक्शन प्लान

ओमान में बातचीत के बाद ईरान का दो-टूक- धमकी और दबाव में कोई संवाद संभव नहीं 

विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कहा कि किसी भी संवाद के लिए धमकी और दबाव से दूर रहना जरूरी है. उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका से केवल अपने परमाणु कार्यक्रम पर ही बातचीत करेगा. इसके अलावा ईरान अमेरिका के साथ कोई अन्य विषय पर चर्चा नहीं करेगा.

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ओमान ने क्या कहा?

ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने ईरान-अमेरिका के बीच हुई बातचीत पर कहा कि ये बैठक बेहद गंभीर रही. उन्होंने कहा कि बातचीत के नतीजों पर तेहरान और वॉशिंगटन विचार करेगा और आगे की बैठक पर फिर विचार किया जा सकता है. 

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने ओमानी विदेश मंत्री सैय्यद बद्र अल-बुसैदी से मुलाकात की (Photo: Reuters)

ओमान में बातचीत के बावजूद अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए

एक ओर तो ओमान में बातचीत चल रही थी, दूसरी ओर अमेरिका ने ईरान के ख़िलाफ़ सख्त एक्शन ले लिया. अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगा दिए. शुक्रवार को अमेरिका ने ईरानी पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और पेट्रोकेमिकल्स के कथित अवैध व्यापार से जुड़े 15 संस्थाओं और 14 शैडो-फ्लीट जहाजों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की.

मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बातचीत नहीं

हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बातचीत नहीं करेगा. इसके साथ ही ईरान ने यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार की अंतरराष्ट्रीय मान्यता की मांग भी दोहराई है. अमेरिका के लिए यह यूरेनियम संवर्धन एक रेड लाइन है. साथ ही, क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की बढ़ती मौजूदगी ने ईरान की चिंताएं बढ़ा दी हैं.

पिछले साल जून में अमेरिका ने इजरायल के सैन्य अभियान के दौरान ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था, जिसके बाद ईरान ने अपना यूरेनियम संवर्धन टेंपरेरी तौर से रोक दिया था. ऐसे डिप्लोमेटिक माहौल में मस्कट की यह बातचीत दोनों देशों के बीच बातचीत का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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