ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर एक के बाद एक तीन बड़े हमले करने का दावा किया है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के मुताबिक, उनकी सेना ने बहरीन से लेकर कुवैत तक फैले अमेरिकी सैन्य नेटवर्क को निशाना बनाया है. हालांकि, इन हमलों की अब तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.
ईरान के अनुसार, ऑपरेशन का पहला चरण बहरीन के अल-सखीर एयर बेस पर हुआ. यहां अमेरिकी यूनिट्स के ड्रोन रखरखाव और मरम्मत से जुड़े हैंगर को निशाना बनाने की बात कही गई. ईरान का दावा है कि इस हमले में इन सुविधाओं को नुकसान पहुंचा और वे पूरी तरह नष्ट हो गईं. इसके बाद दूसरे चरण में बहरीन के सलमान पोर्ट पर मौजूद अमेरिकी टास्क फोर्स-59 के जहाजों से जुड़ी तैयारियों वाली जगहों को निशाना बनाया गया. ईरान ने दावा किया कि हमले में संबंधित ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा और कई नौसैनिक सुविधाएं प्रभावित हुईं. तीसरे चरण में कुवैत के कैंप अरिफजान में अमेरिकी स्पेशल नेवल कमांडो फोर्स से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाने की बात कही गई. ईरान के मुताबिक, इन ठिकानों में आग लग गई और उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया गया.
एक तरफ गोलियां, तो दूसरी तरफ बातचीत भी
हमलों के बीच ईरान सरकार का कहना है कि मध्यस्थ देशों के जरिए जंग रोकने के कुछ प्रस्ताव जरूर मिले हैं, लेकिन फिलहाल उनकी डिटेल सामने नहीं लाई जाएगी. ईरान का साफ रुख है कि उसकी सेना जहां अमेरिकी हमलों का उचित जवाब दे रही है, वहीं कूटनीतिक रास्ते भी पूरी तरह बंद नहीं किए गए हैं.
ईरान ने अमेरिकी हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि नागरिक ढांचे, पुलों, मेडिकल सेंटर और सार्वजनिक सेवाओं को नुकसान पहुंचाना सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि इससे आम लोगों की जिंदगी और सुरक्षा प्रभावित होती है. दूसरी ओर, अमेरिकी रक्षा विभाग ने इस जंग में मारे गए अपने दो और सैनिकों की पहचान उजागर कर दी है. इनमें 25 साल के फर्स्ट लेफ्टिनेंट टायलर जेम्स फीहान और 19 साल की प्राइवेट इसाबेला गोंजालेस शामिल हैं. दोनों जॉर्डन में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाव के दौरान मारे गए. इसी के साथ इस सीधी जंग में जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों का आंकड़ा 17 तक पहुंच गया है.
अमेरिका ने सोमवार को ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले किए. अमेरिकी सेना के मुताबिक, इन हमलों में ईरानी सैन्य कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी केंद्र, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स को निशाना बनाया गया. ईरानी मीडिया के अनुसार, इन हमलों में उत्तर-पश्चिमी शहर तबरीज के आसपास एक व्यक्ति की मौत हुई. बताया जाता है कि इस इलाके में ईरान के भूमिगत मिसाइल ठिकाने मौजूद हैं.
ईरान के इस पलटवार के बाद अब पूरा खाड़ी क्षेत्र युद्ध की आंच महसूस कर रहा है. हमलों के खौफ से बहरीन में जहां मिसाइल अलर्ट जारी करना पड़ा, वहीं कुवैत ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने आने वाली कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया. इस खिंचाव का सबसे सीधा असर होर्मुज (Strait of Hormuz) पर दिख रहा है, जो दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई की लाइफलाइन माना जाता है. जंग के और भड़कने की आशंका के बीच ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से उछल रही हैं.
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