ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. शनिवार से शुरू होने वाले कई दिनों के अंतिम संस्कार से पहले तेहरान में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में भावुक माहौल देखने को मिला. समारोह के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबाफ भावुक होकर रो पड़े. जनाजे में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. इनमें दर्जनों देशों के नेता भी शामिल हैं.
दरअसल, ईरान की सरकार इसे केवल एक शोक समारोह नहीं बल्कि राष्ट्रीय एकता, राजनीतिक मजबूती और युद्ध के बाद अपनी शक्ति का प्रदर्शन मान रही है. राजधानी की सड़कों पर बड़े-बड़े बैनर लगाए गए हैं, जिन पर अरबी, फारसी और अंग्रेजी में 'We Must Rise' (हमें उठ खड़ा होना होगा) जैसे संदेश लिखे गए हैं. इन संदेशों के जरिए जनता से इस्लामिक गणराज्य के समर्थन में एकजुट रहने की अपील की जा रही है.
तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में खामेनेई का राष्ट्रीय ध्वज से ढका ताबूत रखा गया. उनके साथ उन परिजनों के ताबूत भी रखे गए, जिनकी मौत युद्ध के पहले दिन हुए हवाई हमले में हुई थी. इनमें उनके दामाद, बड़ी बेटी, 14 महीने की पोती और नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई की पत्नी भी शामिल थीं.
तेहरान की ग्रैंड मोसाल्ला में तब एक बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला जब ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ देश के टॉप लीडरशिप उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंची. पेजेश्कियान और संसद स्पीकर गालिबाफ समेत पूरी लीडरशिप फूट-फूटकर रोती नजर आई.
ताबूत को छूने के लिए उमड़ी भीड़
समारोह में एक भावुक दृश्य तब देखने को मिला, जब शोक में डूबे लोग अपने स्कार्फ और अन्य वस्त्र ताबूत से स्पर्श करवा रहे थे. इसे ईरान में आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है. बाद में खामेनेई के ताबूत को लाल झंडे से ढका गया, जिस पर 'या हुसैन' लिखा था. यह झंडा अन्याय के खिलाफ संघर्ष और बदले के संकल्प का प्रतीक माना जाता है.
इस बीच, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड के वरिष्ठ कमांडर जनरल अहमद वाहिदी भी कई महीनों बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए. माना जा रहा है कि युद्ध के बाद अमेरिका के साथ संभावित समझौते और सुरक्षा रणनीति तय करने में उनकी अहम भूमिका है. उनकी मौजूदगी को ईरानी नेतृत्व की एकजुटता का संदेश माना जा रहा है.
कई दिनों तक चलेगा शोक समारोह
बता दें कि शनिवार से शुरू होने वाला शोक समारोह कई दिनों तक चलेगा. खामेनेई के पार्थिव शरीर को ईरान के विभिन्न शहरों के साथ पड़ोसी इराक भी ले जाया जाएगा. इस दौरान तेहरान में कई सड़कें बंद रहेंगी, हवाई क्षेत्र पर भी प्रतिबंध रहेगा और पूरे देश में शोक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
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