पाकिस्तानी सरकार के साथ बातचीत नाकाम होने बाद रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों द्वारा विरोध प्रदर्शन की तैयारी की गई है. PTI के समर्थक एक लॉन्ग मार्च करने की तैयारी कर रहे हैं.
PTI की मांगों को लेकर यह बातचीत हुई थी. इस बातचीत में जेल में बंद इमरान खान से तुरंत मुलाकात, उन्हें निजी डॉक्टर और उचित सुविधाओं वाले अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की गई थी. लेकिन यह बातचीत बेनतीजा निकली.
दोनों की पक्षों की मांगें क्या?
बता दें, सबसे पहले शुक्रवार को बातचीत हुई थी. इस दौरान दोनों पक्षों ने बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई थी, लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ था. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने इमरान खान को अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की थी, जबकि सरकार चाहती थी कि PTI 4 अक्टूबर को होने वाले मार्च को रद्द कर दे. शनिवार को दोनों पक्षों के बीच दूसरे दौर की बातचीत हुई. कई घंटों तक बातचीत चली लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने पहले 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च निकालने की योजना की घोषणा की थी, लेकिन बाद में मार्च को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बीच इसे 4 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया था.
पाक सुप्रीम कोर्ट ने दिया था अस्पताल में भर्ती का आदेश
इमरान खान की पार्टी ने विरोध-प्रदर्शन से पहले उनकी बहनों और समर्थकों की रिहाई की भी मांग की थी. बता दें, 18 अगस्त को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की सेहत, खासकर उनकी आंखों की रोशनी को लेकर जताई जा रही चिंता के मद्देनजर उन्हें मेडिकल जांच और इलाज के लिए इस्लामाबाद के एक निजी अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था. लेकिन पाकिस्तान सरकार ने उस आदेश को चुनौती देते हुए पुनर्विचार याचिका दायर की.
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सजा को लेकर काफी तनाव है. उनकी पार्टी अब सरकार के खिलाफ लॉन्ग मार्च करने की तैयारी कर रही है.
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